Friday, 5 February 2021

Aristotle's view of matter

 

Aristotle's view of matter:
Greek philosopher Aristotle (384-322 B.C.)
believed that all material things are made up of four Primary or elementary substances : fire, air, water, and earth. He also believed that these substances differed in two properties; hot versus cold and dry versus wet. The
primary substances can be represented as the edges of a square, and each one is flanked by their associated properties on the corners of the square. For example, cold and dry are the properties associated with the substance
earth. In Aristotle's philosophy of matter, a piece of wood must contain a lot of earth because he thought that the wood felt cold and dry.






Sunday, 31 January 2021

न्यू पेन्शन योजना में एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज क्या है ?

न्यू पेंशन योजना (NPS) भारत सरकार की एक नई पेंशन योजना है।जिसे जनवरी ,2004 के बाद नियुक्त सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था।


न्यू पेंशन योजना (NPS) भारत सरकार की एक नई पेंशन योजना है।जिसे जनवरी ,2004 के बाद नियुक्त सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था।  
NPS क्या है इसमें अकॉउंट कैसे मैनेज किया जाता है ?
NPS में दो तरह के अकॉउंट होते है।
प्रथम TIER-1 और द्वितीय TIER-11
TIER-1 में जमा पैसा आप सामान्यतः 60 वर्ष तक नहीं निकाल सकते है। जबकि TIER-11 एक सामान्य सेविंग अकॉउंट की तरह कार्य करता है जिसमे से आप जब चाहे कभी भी कितना अमाउंट निकाल सकते हैं। लेकिन TIER-11 अकॉउंट तभी ओपन हो सकता है जब आपके पास पहले से TIER-1 अकॉउंट हो। 
आप ऑनलाइन दोनों अकॉउंट एक साथ ओपन कर सकते हैं या केवल TIER-1 अकॉउंट ओपन कर सकते हैं।  TIER-1 में आप 60 प्रतिशत राशि ही रिटायरमेंट के बाद निकाल सकते है बाकी की राशि यानी 40 प्रतिशत की कोई एक एन्युइटी लेनी पड़ती है, जिससे आपको पूरी जिंदगी पेंशन मिलती रहेगी। 

PFRDA  एक रेगुलेटरी संस्था है जिसके अंतर्गत NPS रेगुलेट यानी नियंत्रित किया जाता है। NPS में जितने भी पेंशन योजना है जैसे अटल पेंशन योजना और न्यू पेंशन योजना (NPS)। इसमें किसी भी पेंशन योजना आप लेते है और जो भी कॉन्ट्रिब्यूशन अपने एकाउंट में करते है तो हमारे NPS एकाउंट को मैनेज करने के PFRDA उसमें एक AMC चार्ज लगता है जिसे एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज कहते है। ये चार्ज हमारे एकाउंट के फण्ड मैनेजर के द्वारा लगाया जाता है। ये चार्ज अभी बहुत ही कम है। 
अभी वर्तमान में फण्ड मैनेजर अकॉउंट मैनेज करने के लिए 0.01 % का चार्ज करते है। जो अन्य प्राइवेट म्यूच्यूअल फण्ड मैनेजर के द्वारा लिए जाने वाले AMC चार्ज के मुकाबले बहुत ही कम है। 

PFRDA के चेयरमैन बंधोपद्ययाय ने घोषणा की है कि नवंबर 2020 के प्रथम सप्ताह से NPS के फण्ड मैनेजमेंट चार्ज बढ़ जाएंगे। इसको बढ़ाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से सिफारिश की है। 
NPS के अंतर्गत वर्तमान में कुल 08 फण्ड मैनेजर है।
1. आदित्य बिड़ला सन लाइफ
2. एच्. डी. एफ.सी 
3. S.B.I PENSION FUND
4. L. I. C PENSION FUND
5. U.T.I RETIREMENT SOLUTION 
6.KOTAK MAHINDRA
7. I.C.I.C.I LOMBARD 
8. RELIANCE CAPITAL PENSION FUND LIMITED
लेकिन अब फण्ड मैनेजमेंट की संख्या भी बढ़ सकती है। 
PFRDA के अध्यक्ष बंधोपद्ययाय के मुताबिक यदि एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज बढ़ती है तो NPS के एकाउंट धारक को नुकसान होगी।  इसे एक उदाहरण के अनुसार समझा जाया जा सकता है। 
यदि आप अपने NPS अकाउंट में 1000 रुपये कॉन्ट्रिब्यूशन यानी जमा करते है। उसमें कुछ टैक्स लगकर 1024 रुपये की राशि लिया जाता है। लेकिन एकाउंट में 1000 रुपये ही जमा होता है। ये 24 रुपये AMC यानी अकॉउंट मैनेजमेंट चार्ज नही होते हैं बल्कि ये P.O.P कमीशन है। 
◆ AMC (एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज) कब लगते है ?
आपके NPS एकाउंट में 1000 रुपये के ही युनिट्स जमा(credits) होते है। जब अकॉउंट में यूनिट्स क्रेडिट्स हो जाते है तब उसके बाद प्रत्येक तीन माह बाद (एक क्वार्टर) आपके यूनिट्स पर AMC (एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज) फण्ड मैनेजर के द्वारा एकाउंट मैनेजमेंट चार्ज  (AMC) काटा जाता है। 



Monday, 30 November 2020

मोटोरोला जी 5 जी एक आकर्षक मोबाइल 5 जी श्रेणी में

 

   मोटोरोला जी 5 जी आकर्षक मोबाइल  

मोटोरोला मोबाइल निर्माता कंपनी ने 5 ज़ी मोबाइल की शृंखला में एक नया मॉडल भारत मे फ्लिपकार्ट के माध्यम से लॉन्च 7 दिसंबर 20 को किया जा रहा है। इस हैंडसेट को सबसे पहले यूरोप में लॉन्च किया गया था और अब इसने इंडियन मार्केट में एंट्री की है। 

इस मोबााइल की अधिकतम कीमत 24,999 रुपये है, लेकिन् ब्लैक फ्राइडे सेल् के तहत इसे 20,999 में मिलेगी।  

मोटोरोला मोटो जी 5 जी में 6.7 इंच फुल एचडी (1080x2400 पिक्सल) LTPS डिस्प्ले है। यह मोबाइल दो कलर वाल्ककोनीक ग्रे और फ्रॉस्टेड सिल्वर में भी उपलब्ध होंगे।


मोटोरोला G 5G में 5G, NFC, ब्लूटूथ शामिल हैं।  5.1, वाई-फाई 802.11ac, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, जीपीएस, और ईसका डा ईमेंसशन 166x76x10mm हैं, जिसका वजन 212 ग्राम है।

मोटोरोला के इस मॉडल में फ़ास्ट चार्जिंग 20 वाट का चार्जर आता है जो कुछ ही मिनटो में मोबाइल को पूर्णतः चार्ज कर दिया करता है।

इसमें कोऑलकॉम स्नैपड्रैगन 750 जी प्रोसेसर लगा हुआ है। इसमें 5000 एम.ए.एच का ली पॉलीमर बैटरी लगा हुआ है। जो पूर्णतः चार्ज होने के बाद दो दिनों तक चल सकता है।

इसमें 48 मेगापिक्सल, 08 मेगापिक्सल और 02 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है और 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है। फोन में 8 मेगापिक्सल वाइड-ऐंगल और 2 मेगापिक्सल मैक्रो सेंसर भी हैं। विडियो और सेल्फी के लिए हैंडसेट में 16 मेगापिक्सल कैमरा दिया गया है।

इस मोबाइल में 6 जी.बी रैम के साथ इनटर्नल स्टोरेज 128 जी.बी की है जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 1 टीबी (01 टेराबाइट) तक बढ़ाया जा सकता है। स्मार्टफोन में ट्रिपल रियर कैमरा लगा है। इस फ़ोन के पीछे फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।

मोटोरोला के इस मॉडल में डिस्प्ले फुल एच.डी के साथ एल.सी.डी IPS है। यह एंड्रॉयड 10 पर चलेगा। इसमें यू एस.बी का प्रकार C टाइप का पोर्ट होगा। मोटो जी 5 जी के रियर और सेल्फी कैमरा दोनों में नाइट विजन तकनीक के साथ आता है।

Friday, 27 November 2020

गूगल के द्वारा आमदनी कैसे करे।

 टास्क मेट एप्लीकेशन के द्वारा सब अपने काबिलियत के अनुसार कमाई कर सकते है। इसमें ऑनलाइन माध्यम के द्वारा गूगल के द्वारा दिये गए कार्य को संपन्न करके गूगल रिवॉर्ड प्राप्त करें। उसके बाद उस रिवॉर्ड को गूगल एप्प के द्वारा रुपये में कन्वर्ट उस संबंधित देश के मुद्रा के अनुसार कर दिया जाएगा।

इसके लिए गुगल ने प्ले स्टोर पर एक एप्प ''Task Mate" नाम से प्रायोगिक तौर पर शुरू किया है। इस एप्प पर रजिस्ट्रेशन करके आप अपने हूनर का प्रदर्शन करके इस संकट में लोगों को रोज़गार में मुहैया करवा रही हैं। 

वर्तमान में गूगल इसका टेस्टिंग संस्करण ही उपलब्ध करा रही हैं।। जिसमे उचित माध्यम से एक कोड दे रही है। जो केवल चुनिंदा और ट्रस्ट्ड लोगो के लिए हैं।




Thursday, 8 October 2020

रङ्ग बिरंगें सिल्क के धागे कहाँ से मिलते है ?

 



रेशम का उत्पादन, रेशम कीटों के द्वारा होता है। इन कीटों के जीवन-चक्र पाए जानेवाले कैटरपिलर या लार्वा प्यूपा बनने के क्रम में अपनी सुरक्षा के लिए अपने चारों ओर रेशम के धागों से एक कवच का निर्माण करते हैं। जिसे कोकून (cocoon) कहा जाता है। यही कोकून विश्व-प्रसिद्ध सिल्क या रेशम के स्रोत हैं। रेशम कीटों की कई प्रजातियाँ होती हैं जो विभिन्न प्रकार के रेशम उत्पन्न करते हैं और विभिन्न प्रजातियों के कीटों के भोजन के पौधों में भी अंतर होता है। सबसे अधिक प्रिसिद्ध और सामान्य सिल्क मलबरी सिल्क का कीड़ा होता है जिसका वैज्ञानिक नाम बोमबेक्स मोरी ( Bombyx mori) है। यह कीड़ा मलबरी या शहतूत के पेड़ों की पत्तियों का सेवन करती हैं। रेशम की कीड़ो का लार्वा शहतूत की कोमल पत्तियों को खाकर अपनी वृद्धि करती है। इन लार्वा के पेट के निचले भाग में एक विशेष प्रकार के सिल्क ग्लैंड पाई जाती है। इन सिल्क ग्लैंड में एक विशेष तरह का प्रोटीन का निर्माण होता है जिसे फाईब्रोइन कहते है। सिल्क ग्लैंड से एक गाढ़ा लसलसा पदार्थ का निष्कासन होता है जिसे धागे के रूप में लार्वा द्वारा शरीर के चारो तरफ लपेट लिया जाता है। हवा के सम्पर्क में आने से ये धागे कड़े हो जाते है। यही धागे आगे जाकर एक गेंद के समान सरंचना बन जाती है। इसके बाद कोकून में बंद लार्वा में अनेकों परिवर्तन होते है। लार्वा का परिवर्तन प्यूपा के रूप में होता है। यही प्यूपा आगे चलकर वयस्क रेशम का कीट बन जाती है। वयस्क कीट, कोकून में छेद करके बाहर आकर अपने पंख को सुखाकर हवा में उड़ने लगती है। 




प्राकृतिक 

रेशम एक प्रकार के कीड़े से प्राप्त किया जाता है जो शहतूत,महुआ,साल,बेर, अरण्ड,पलास,कुसुम इत्यादि वृक्ष का पत्तियों पर पलता है। एक बार में एक मादा 500 अण्डे देती है। इन अण्डों को 15 ° सेंटीग्रेड से 27°सेंटीग्रेड. तापमान वाले कमरे में रखा जाता है। इन अण्डों से कीड़े निकलकर काफी मात्रा में पत्तियां खा लेने पर अपने मुंह से धागा-सा निकालकर अपने ही चारों ओर लपेटने लगते हैं और अन्तत: यह पूरी तरह धागे से लिपट जाते है तब इन कोयो को गरम जल में डालकर लार्वा को मार डाला जाता है। और रेशम का धागा प्राप्त किया जाता है। यदि ऐसा नहीं किया जाये तो रेशम का कीड़ा रेशम के धागे को काटकर उसे नष्ट कर देता है। रेशम के धागे की कताई की जाती है। इन काते हुए रेशम के धागे से रेशमी वस्त्रों की बुनाई की जाती है। 




मलबरी सिल्क :- शहतूत के पौधे पर पाले गए मलबरी किस्म के रेशम के कीड़े के द्वारा उत्पादित रेशम के धागे सर्वश्रेष्ठ उत्तम होता है। इसका रङ्ग घर पीलापन लिए होता है। 

रेशम के अन्य प्रकार के कीटों में निन्म प्रकार है। 

एरीसिल्क :- अरंडी के वृक्ष के पत्तो पर पलता है। यह बादामी।रङ्ग का खुरदुरा कम चमकीला किंतु नरम होता है। 

तसर सिल्क :- इस प्रकार के रेशम के कीड़े शहतूत के अतिरिक्त ढाक, कुसुम, महुआ, साल और अर्जुन के पौधे के पत्तों पर पलती है। तसर सिल्क के कीड़े एक प्रजनन, द्वि-प्रजनन और त्रि-प्रजनन वाले रेशम के कीड़े है। इनका रङ्ग हल्का पीला होता है। ये घटिया किस्म का सिल्क होता है। 

मूंगा सिल्क :- ये रेशम के कीड़े बेर, अर्जुन इत्यादि पौधे के पत्तों को खाकर पलती है। मूंग सिल्क जंगली प्रकार के सिल्क है। ईसका रङ्ग सुनहरा पीला होता है।

Wednesday, 7 October 2020

विद्यार्थियों की पढ़ाई अब दूरदर्शन पर


     ***बिहार सरकार की नई पहल***

छठी से आठवीं और 11वीं तथा 12वीं के विद्यार्थी कर सकेंगे 4 मई ,20 से क्लास दूरदर्शन पर

बिहार के शिक्षा विभाग ने दूरदर्शन पर बुक किया गया है 2 घंटे का समय 75 लाख और बच्चों की दूरदर्शन से होगी पढ़ाई।

** 20 अप्रैल ,20 से ही दूरदर्शन पर चल रहीं कक्षाएं*** 

01 लाख 35 हजार प्रति घंटा के लिए भुगतान करना है।

लॉकडाउन की वजह से स्कूल बंदी के बीच अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छठी से बारहवीं तक के बच्चे 'मेरा दूरदर्शन, मेरा विद्यालय' के तहत पढ़ाई कर सकेंगे। नौवीं और 10वीं कक्षा के बच्चों के लिए 20 अप्रैल से ही डीडी बिहार पर डिजिटल पढ़ाई की व्यवस्था लागू है। छठी, सातवीं, आठवीं तथा 11वीं और 12वीं के बच्चों के लिए भी 4 मई से ई-कंटेट के माध्यम से पठन-पाठन प्रारंभ हो जाएगा। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों की पांच

कक्षाओं में नामांकित करीब 75 लाख बच्चों की पढ़ाई आरंभ हो जाएगी।

गौरतलब हो कि मंगलवार को केन्द्रीय मानव-संसाधन विकास मंत्री को भी बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने ने बच्चों के लिए ई-कंटेंट के माध्यम से की गयी पढ़ाई की व्यवस्था की जानकारी दी थी।

शिक्षा विभाग के बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के कक्षा 6,7 एवं 8 कक्षा 11 वीं और 12वीं के बच्चों के लिए एक घंटे का दूरदर्शन पर अपना समय ( टाइम स्लॉट ) बूक हो गयी है।

विस्तृत योजना राज्य परियोजना के तहत होगी। बीईपी की राज्य कार्यक्रम शिक्षा विभाग के बिहार निदेशक संजय कुमार सिंह के मुताबिक बुधवार को शिक्षा परियोजना परिषद के कक्षा 6, 7,8 एवं कक्षा 11 वीं और 12 वीं के लिए भी दूरदर्शन पर अपना समय बुक कर किया है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह के अनुसार मध्य विद्यालयों के तीन कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक घंटा की पढ़ाई एवं 11वीं और 12 वी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक घन्टे की बिहार शिक्षा की पढ़ाई 'मेरा दूरदर्शन, मेरा-विद्यालय' के अंतर्गत होगी। बी ई पी के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी के मुताबिक तैयारियां पूरी हो गयी हैं।

रिपीट टेलीकास्ट भी होगा

किरण कुमारी ने बताया कि बीईपी दूरदर्शन को प्रति घंटा बुकिंग के लिए एक लाख 35 हजार रुपये का भुगतान करेगा। हालांकि दूरदर्शन ने दो घंटै रिपीट टेलीकास्ट का समय मुफ्त दिया है। शाम तीन से पांव बजे तक 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई का रिपीट टेलीकास्ट भी होगा।

  बीईपी के एसपीओ रविशंकर सिंह ने बताया कि रोजाना अलग- अलग विषयों की घंटी दूरदर्शन पर लगेगी। बीईपी की कोशिश है कि पाठ को अप्रैल-मई के सिलेबस के मुताबिक निर्धारित किया जाय। यूनिसेफ ने इसमें तकनीकी सपोर्ट किया है। छह से आठ व 11वीं और 12वीं के लिए कंटेट बीईपी के पास खुद के हैं।

सोमवार से रोजाना दूरदर्शन पर हमारी कक्षाएं आरंभ हो जाएंगी। फिलहाल नौवीं तथा 10वीं के बच्चों के लिए 11 से 12 बजे एक घंटे की पढ़ाई हो रही है। 4 मई से कक्षा छठी से आठवीं के बच्चों के लिए सुबह 9 से 10 बजे , जबकि कक्षा 11 और 12 के लिए सुबह 10 से 11 बजे तक (एक घंटे) की कक्षा चलेगी। 



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