इंजन स्टार्ट होते ही मेन बैंक सापट के गियर से चाल लेकर Auxiliary जनरेटर का आमेचर घूमना शुरू कर देता है जो स्वंय के बनाये गये करन्ट से इसकी फील्ड एक्साइट होकर ए.सी करंट बनाना शुरु कर देता है जिसे सिलिकॉन control रेक्टीफायर द्वारा डीसी में बदल कम्पेनियन अल्टरनेटर के फील्ड को एक्साइट करते है जिसका आमेचर मेन अल्टरनेटर से जुडकर चूमता है जिससे प्री फेस एसी बिजली बनाना शुरू कर देता है इस बिजली से टीसीसी, टी.सी.सी.2 ब्लोअर मोटर, टीसीसी इलेक्ट्रॉनिक्स ब्लोअर मोटर, डस्ट दिन ब्लोअर मोटर एवं दोनो रेडिएटर फैन मोटर को चलाता है तथा एससीआर के द्वारा इस बिजली को श्री.सी में बदलकर मेन अल्टरनेटर के फील्ड को एक्साइट करते हैं जिसका आमेचर मेन कैक सापट से जुडकर घूमता है जिससे थी फेस ए.सी बिजली बनाता है यह रेक्टिफायर के द्वारा डी.सी में परिवर्तित होकर डी.सी लिंक में चली जाती है। रिवर्सर हैंडिल आगे या पीछे होने पर ईआर तथा जी एफ स्विच ऑन, आइसोलेशन स्विव रन पर होने पर थाटल को एक नींग खोलने से डी.सी लिंक का ओपेन इण्टरलॉक क्लोज हो जाता है, जिससे टी.सी.सी. एवं टी.सी.सी2 कम्प्यूटर में डी.सी बिजली सिरीज में बली जाती है इनमें लगे इनवर्टर श्री फेस ए.सी में परिवर्तित करके एवं वोल्टेज को बढ़ाकर टी. सीसी के द्वारा फन्ट ट्रक पर लगे ट्रैक्सन मोटर नं. 123 तथा टी सी सी 2 के द्वारा Rear ट्रक पर लगे ट्रेक्सन मोटर नं. 4,5,6 को पैरलल में बिजली देता है जिससे सभी मोटरों के आर्मेचर घूमकर गुल गियर के द्वारा एक्सल पूर्व करके को Move शुरू कर देता है जिससे लोकोमोटिव चलना शुरू कर देता है।
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