Thursday, 30 May 2019

👍 हॉउस रेंट के छूट का लाभ इनकम टैक्स में प्राप्त करे



भारतीय निवासी मकान/फ्लेट का किराया अदा कर रहे हैं तो आयकर अधिनियम की धारा 10 (13ए) एवं 80 जीजी के तहत कुछ शर्तों का पालन कर निर्धारित सीमा तक टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं।

इस छूट का लाभ न सिर्फ सेलेरिड बल्कि सेल्फ इम्पलॉइड (प्रोफेशनल/बिजनेसमैन)भी उठा सकते हैं।
इस छूट को निम्न दो वर्गों में बाँटा जा सकता है:-
1. हाऊस रेंट अलॉउंस मिलने की स्थिति में- यदि व्यक्तिगत करदाता सेलेरिड है एवं उसे हाऊस रेंट अलॉउंस की राशि  प्राप्त होता है तो आयकर अधिनियम की धारा 10(13ए) के तहत निम्नलिखित में से जो भी कम हो, छूट प्राप्त की जा सकती है-
*नियोक्ता से प्राप्त वास्तविक हाऊस रेंट अलॉउंस :- A***/- अथार्त जितना HRA पूरे साल का सैलरी में मिला है।
इसके बाद उपरोक्त राशि  A***/-  में से निम्नलिखित में से जो सबसे कम हो उसे घटाना है।
A. वास्तविक हाउस रेंट की राशि जो नियोक्ता (कंपनी) से प्राप्त हुई है।
B.अदा किए गए किराए(रेंट की राशि जी आपने मकान मालिक को अदा की) में से सेलेरी (बेसिक+डीए) का 10 प्रतिशत घटाने पर प्राप्त राशि :- B***/-
C. बेसिक सेलेरी का 50 प्रतिशत (मेट्रो सिटी में रहने की दशा में) या बेसिक सेलेरी का 40 प्रतिशत (नॉन मेट्रो सिटी में रहने की दशा में):- C***/-
उपरोक्त तीनो राशि मे से जो मिनिमम Amount होगा उसे यहाँ पर लिखे :- NT***/-
यही राशि NT***/- HRA का है । इसमें टैक्स नही लगेगा।
और  वह राशि A***/-  -  NT***/- = T***/- बचेगा । इस पर टैक्स लगेगा।
यदि किसी कर्मचारी को HRA नही मिल रहा है फिर भी वह किराये के मकान में राह रहा है और किराये अदा कर है। उसे 80GG सेक्शन में डिडक्शन करना है।
इनकम टैक्स रिटर्न्स ऑनलाइन फॉर्म में कहाँ दिखाना है ?
10(13A) :- यदि HRA मिल रहा है तब
80GG :- यदि HRA नही मिल रहा है तब
यदि एक वितीय वर्ष में 1 लाख रुपए से ज्यादा हाउस रेंट की राशि मकान मालिक को दे रहे है। तो मकान मालिक का पैन की आवश्यकता है।
यदि आप अपने माता पिता के घर मे रहते है और आपको कंपनी से HRA मिल रहा है तो अपने माता पिता से रेंटल एग्रीमेंट करना पड़ेगा। और माता-पिता को ऑनलाइन या चेक के माध्यम से किराये की राशि अदा करनी है। माता-पिता अपने इनकम टैक्स रिटर्न्स भरते समय इस राशि को इनकम सोर्स के रूप में दिखाना पड़ेगा।

Sunday, 26 May 2019

पेंटोग्राफ उठाने की कार्यविधि

पेंटोग्राफ

इलेक्ट्रिक लोको की छत पर दो पेंटो क्रमशः PT1 और  PT2 लगी रहती है। पेंटो OHE से सिंगल फेज करंट को कलेक्ट करके सर्किट ब्रेकर (DJ) तक पहुँचाती है। इसलिए इसे करेंट कलेक्टर कहते है। दोनों पेंटो आपस मे रूफ बार की सहायता से सीरीज में जुड़े रहते है। प्रत्येक पेंटो असेंबली लोको की छत पर चार बेस इंसुलेटर पर माउंट रहती हैं। 
ZPT(पेंटोग्राफ की चाभी)
पेंटो ग्राफ का नियंत्रण ZPT स्विच के द्वारा होता है। ZPT दोनो कैब में ड्राइवर डेस्क पर लगी रहती है। ZPT के मुख्यतः तीन पोजीशन होते है।  
1, 0 एवं 2 । ZPT स्विच को ऑपरेट करने के लिए ZPT Key का प्रयोग किया जाता है। किसी भी कैब से ZPT Key को नंबर 1 पर रखने पर पिछला पेंटो उठता है। ZPT Key को नंबर 2 पर रखने पर अगला पेंटोग्राफ उठेगा। 
पेंटोग्राफ उठाने की कार्यविधि
पेंटोग्राफ उठाने के लिए VEPT इलेक्ट्रो न्यूमेंटिक वाल्व का energise होना और RS/BV टैंक में पर्याप्त हवा का प्रेशर (6.5kg /cm२) होना आवश्यक है। 

VEPT जो इलेक्ट्रो न्यूमैटिक वाल्व है के वायर में इलेक्ट्रिक कनेक्शन ZPT के द्वारा दिया जाता है। इसके साथ ही VEPT वाल्व में न्यूमैटिक प्रेशर बेबी कंप्रेशर(MCPA) के द्वारा दिया जाता है। ये दोनों  
कार्य होने पर ही VEPT वाल्व पूर्णरूपेण कार्य करेगा।
जब  ZPT Key को '0' पर रखा जाता है तो VEPT वाल्व De-energise हो जाता है। लेकिन ZPT key को  '1' पर या '2' पर रखा जाता है तो  VEPT वाल्व energise हो जाता है। 

VEPT वाल्व में इलेक्ट्रिक कनेक्शन देने से पूर्व निम्नलिखित शर्तो की जांच करेंगे।
1. 90-110 Volt
2.फ्यूज CCPT सही होना चाहिए। (लूज़ नही होना)
3. BPEMS या HLS ऑन होना चाहिए।

अब बेबी कंप्रेशर (MCPA) चलाएंगे, इसके लिए निम्न कार्यविधि अपनायेगे।
(1.) बैटरी स्विच (HBA) को 1. नंबर पर करके ZUBA द्वारा बैटरी वोल्टेज देखेगे। जो 90-110 Volt होना चाहिए।
(2.) ZCPA-1 पर करके MCPA(बेबी कंप्रेशर) चलाएंगे- और RS/PR(रिजर्वायर टैंक) का प्रेशर 8-10 Kg/cm२ बनायेगे।
(3.) BL- अनलॉक करके LSDJ, LSCHBA, LSGR, LSB का जलना देखेंगे।
(4.) अब LSDJ जलना देखकर , ZPT(पेंटोग्राफ की चाभी) को 1 या 2 पर करके पेंटोग्राफ उठायेगे। 6-10 सेकंड में 3 चरणों मे पेंटोग्राफ उठना चाहिए।

नोट:- ZPT(पेंटोग्राफ की चाभी) 0 पर करने पर 10 सेकंड में 3  चरणों मे पेंटो गिरना चाहिए। 3 सेकंड में कांटेक्ट वायर छोड़ना चाहिए।

Tuesday, 23 April 2019

ऑनलाइन रेलवे स्मार्ट मेडिकल कार्ड की रेजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

स्मार्ट रेलवे मेडिकल कार्ड के लिए साउथ सेंट्रल रेलवे ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है जिसके द्वारा सभी कार्यरत कर्मचारियों , पेंसनधारक और उनके योग्य आश्रितों का एक अलग मेडिकल कार्ड ऑनलाइन निर्गत किया जा सकता है। इस मेडिकल कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर्मचारियों, पेंशनधारकों द्वारा किया जाना है। आवश्यक जांच और प्रशासन के द्वारा एप्रूव्ड होने के बाद स्मार्ट मेडिकल कार्ड ऑनलाइन निर्गत किया जायेगा। इस स्मार्ट मेडिकल कार्ड का उपयोग अस्पतालों में किया जा सकता है।
रेलवे करीब 70 लाख स्मार्ट कार्ड जारी करेगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों को यह कार्ड एक यूनिक नंबर के साथ देंगे। अभी रेलवे कर्मचारियों का मेडिकल कार्ड राशनकार्ड की तरह बना हुआ है। इसमें पहले पेज पर पेंशनर का नाम व उसकी फोटो लगी होती है। दूसरे पेज में आश्रितों का विवरण लिखा होता है। जरूरत पड़ने पर जिस कर्मचारी के नाम से कार्ड बना है उसे मौजूद रहना पड़ता है। डायरी व कार्ड का स्थान लेगा उम्मीद स्मार्ट कार्ड : डायरी व कार्ड के रुप में रेलवे कर्मचारियों को रेलवे अस्पतालों में इलाज मिलता है। कर्मचारी को रेलवे द्वारा एक और डायरी जारी की जाती है, जिसमें कर्मचारी व परिवार के सदस्यों की फोटो लगी होती है। रेलवे से अनुमोदित निजी अस्पताल में भी इलाज के लिए लाल कार्ड को साथ ले जाना पड़ता है। अब स्मार्ट योजना को यूएमआईडी(उम्मीद) नाम देकर शुरु किया जा रहा है। जो वेब व मोबाइल आधारित स्वास्थ्य सेवा योजना होगी। इसमें कर्मचारी को एक यूनिक नंबर वाला स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। जिसे दिखाकर रेलवे का कोई भी कर्मचारी और उसका परिवार देशभर में रेलवे के अस्पतालों इलाज करवा सकेंगे।
इसके लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन निम्नलिखित चरणों मे किया जा सकता है।
प्रथम चरण:- सबसे पहले डेस्कटॉप या लैपटॉप से किसी भी ब्राउज़र में गूगल सर्च इंजन को ओपन करेंगे।
(क) गूगल सर्च बॉक्स में https://umid.digitalir.in लिख कर सर्च करेगें।
(ख) इसके बाद Umid। Indian Railways का वेबसाइट दिखेगी। जिसे क्लिक करने पर इसका वेबसाइट खुल जाएगी। जो निम्न तरह से होगी।
 
(ग) इसमे Registerd Here पर क्लिक करेगें। 
उसके बाद निम्न ऑप्शन आएगा।
(घ) यदि आप कार्यरत कर्मचारी है तो employee ऑप्शन पर क्लिक करें नही तो पेन्शनर है तो pensioner पर क्लिक करें। इसके बाद निम्न मेनू खुल जाती है।

(ङ) इसमे तीन महत्वपूर्ण जानकारी देनी होती हैं। 
१. P. F नंबर २.पैन नंबर ३. जन्म तिथि
ये जानकारी देने के बाद VALIDATE DETAIL पर क्लिक कीजिए। इसके बाद निम्नलिखित ऑप्शन आएगी।

(च) इसमें मोबाइल नंबर देनी पड़ती है। OTP आएगी जिसे VALIDATE करना पड़ेगा। और अपना एक पासवर्ड स्वयं बनाना पड़ेगा। पासवर्ड 6 डिजिट से कम अंक का नही होना चाहिए।
नोट:- ये सभी प्रक्रिया डेक्सटॉप या लैपटॉप में ही हो सकता है।
नोट:- एक बार रेजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निम्न यूआरएल https://umid.digitalir.in/web/ 
पर किसी सर्च इंजन में टाइप करके लॉगिन कर ले। 

इसके बाद initiate application पर क्लिक करके पूरे फॉर्म को भरे। 
इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करके फॉर्म भरने का प्रोसेस पूर्ण करें।
सबमिट बटन पर क्लिक करने से पहले पूरा विवरण एक बार पुनः जांच कर ले। जांचने के लिए पीडीएफ के रुप मे पूरे फॉर्म को डाऊनलोड कर सकते है। 
फॉर्म में फ़ोटो, पहचान पत्र, हस्ताक्षर(स्वयं), पुराना मेडिकल कार्ड का jpeg फॉर्मेट के रूप में अपलोड करना होगा।

Friday, 22 March 2019

पत्तागोभी में कीड़ा

पत्तागोभी में यह किस प्रकार का कीड़ा है? काफी बारीकी से अन्वेषण करने पर दिखता है।

Tuesday, 26 February 2019

कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास की स्मार्टफोन में भूमिका

गोरिल्ला ग्लास एक मज़बूत और विशिष्ट ग्लास का एक प्रकार है। जब भी कोई कठोर वस्तु इस ग्लास से टकराता है या रगड़ करता है तो उस बिशिष्ट ग्लास में ज़ल्द खरोंच तक नही आती और ज़ल्द टूटती भी नही है। गोरिल्ला ग्लास से लैस स्मार्टफोन की स्क्रीन अन्य सामान्य स्क्रीन की तुलना में ज़्यादा मज़बूत और कठोर होतीं है।

इस तरह की मज़बूत और ठोस स्क्रीन के बनने की इतिहास भी उतनी ही रोचक और रोमांचक है। इस ग्लास के बनाने में साइंस्टीफ़िक प्रयोग के दरम्यान सन 1952 ई. में कॉरिना कंपनी के लैब में बना था। उस वक्त एक वैज्ञानिक ने फोटोसेन्सिटिव ग्लॉस को फर्नेस में टेस्ट के लिए रखा था। किसी वक्त उस फरनेस की तापमान 900℃ तक पहुँच गयी थी। अनुमान के विपरीत जब उस फरनेस को खोला गया तो उसमें से तरल ग्लॉस के बदले ग्लास की एक शीट निकल कर आयी। संयोग वश वह ग्लास की शीट नीचे गिर पड़ा लेकिन वह टूटने के जगह बाउन्स कर गयी। तब वैज्ञानिकों को आभास हुआ कि एक नई चीज का आविष्कार हुआ है।

सामान्यतः ग्लास में पोटैशियम साल्ट को 400℃ के तापमान में मेल्ट अथार्त पिघला कर इसमें सोडियम अणु को बड़े पोटैसियम आयन में बदल कर इसे बहुत कठोर बनाया जाता हैं। उत्तरोत्तर वक्त बीतने के साथ कोरिंना कंपनी ने गोरिल्ला ग्लास को और बेहतर तरीके से बनाया है।

कोरिंना कंपनी ने इस विशिष्ट गोरिल्ला ग्लास को मार्केट में 01 फ़रवरी,2008 को लॉन्च किया। इसके बाद कंपनी ने इस ग्लास में उत्तरोत्तर विकसित करते गया।

किसी भी पदार्थ की कठोरता मापने का एक स्केल होता है उसे मोह (Moha) स्केल कहाँ जाता हैं। इसी पर आधारित कोरिंना कंपनी ने अनेक प्रकार के गोरिल्ला ग्लास विकसित किया। जो निम्नलिखित है। गोरिल्ला ग्लास की हार्डनेस मोह स्केल पर 6.5 होती है। जबकि हीरा सबसे कठोर है उसका हार्डनेस मोह स्केल 10 होता है।

अभी तक कोरिंना कंपनी ने छः वर्ज़न बाजार में लॉन्च किया है

कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न एक - पब्लिक के ऊपयोग के लिए पहला वर्ज़न 01 फरवरी,2008 को मार्केट में उतारा गया। इसे न केवल स्मार्टफोन बल्कि पर्सनल कंप्यूटर, नोटबुक,स्मार्टवॉच इत्यादि में उपयोग में लाया जाने लगा।

कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न दो -इस वर्ज़न का ग्लास 20 प्रतिसत पतला है। ग्लास पतला होने के कारण टच रिस्पांस उतनी ही बेहतर तरीके से काम करते हैं। जिसके चलते मार्केट में इसकी माँग उतनी ही ज्यादा हो गई।

कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न तीन : इस वर्ज़न में एक नया टेक्नोलॉजी नेटिव डैमेज रेसिस्टेंस एन डी आर का इस्तेमाल किया गया था। यह पहले के मुकाबले तीन गुणा अधिक पतला मज़बूत था।

कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न चार : इसमे स्क्रैच रेसिस्टेंट टेक्नोलॉजी को शामिल की गई। यह वर्ज़न तीन से ज़्यादा पतला और चार गुणा अधिक मजबूत और डैमेज रेसिस्टेंस बनाया गया है। यदि इसे एक मीटर की ऊंचाई से सौ बार ज़मीन पर गिराया जाएं तो 80 बार कुछ नही होगा। मोबाइल की खूबसूरती भी बढ़ जाती है।

कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न पाँच: यह लेटेस्ट गोरिल्ला ग्लास चार वर्ज़न का उत्तरजीवी कहा जाता है। यह वर्ज़न पिछले वर्ष सन 2018 में मार्केट में लॉन्च किया गया था। इसे सर्वप्रथम सैमसंग गैलेक्सी के नोट 7 में इस्तेमाल किया गया था। इसे अत्यधिक ड्यूरेबल, टफर और पतला बनाया गया था। जिसमें स्मार्ट फोन की खूबसूरती बढ़ती गयी।

कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास वर्ज़न छः: इसको कॉर्निंग कम्पनी के इंजीनियर ने खासतौर पर इंजीनीयरिंग किया गया। इसे ठोस और ड्यूरेबल बनाने के लिए नए रिगर टेस्ट माइथोलोजी से लैब में टेस्ट किया गया। इसे लगातार क्रमशः छः पंद्रह बार रफ सतह पर एक मीटर की ऊँचाई से गिराने पर भी कुछ नहीं हुआ। यह कोरिंना ग्लास पाँच की वनिस्पत दो गुणा बेहतर है। इसमे चाकू , सिक्के, हार्ड पत्थर से मारा गया तो उसे भी सह लिया।



Tuesday, 19 February 2019

डीजीलॉकर:- दस्तावेज़ों को रखे सुरक्षित

भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कैंपेन के तहत डीजीलॉकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। जिसमे आप अपने सरकारी प्रमाणपत्र को अपलोड स्वयं कर सकते हैं। जो आजीवन सुरक्षित रहेगा। यदि आपका डॉक्मेन्ट खो भी गया तो कोई फिक्र नहीं है। इसे अपलोड कर के इंटरव्यू में , सरकारी जॉब में उपयोग में ला सकते है। जिसको मानना नियोक्ता के आवश्यक है।
यह काम कैसे करता है।
सबसे पहले एंड्राइड मोबाइल से प्ले स्टोर में digilocker एप्पलीकेशन को इंस्टाल करना है। इंस्टॉल होने के बाद इसे ओपन करना होगा।



 ◆ इस एप्प को स्थापित करने के बाद ओपन करने से एक नया इनटरफेस खुलेेगा। जो इस तरह का होगा।
 ◆ इसमें नया रेजिस्ट्रेशन करने के लिए sign up ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद एक और इनटरफेस खुलेगा। 
◆ इसमें एक या तो उपयुक्त ईमेल एड्रेस जो चालू हालत में हो या अपना एक मोबाइल नंबर देना होगा। जैसा कि ऊपर चित्रों में दर्शाया गया है कि यूजर नेम के शर्ते पढ़ ले। यदि आप मोबाइल नंबर डालते है। तो उसके बाद पासवर्ड दो बार सबमिट करना होगा।
पासवर्ड 8-30 कैरेक्टर के बीच होना चाहिए।
◆ पासवर्ड टाईप करने से पहले ऊपर के शर्त को भली भाँति पढ़ ले। इसके बाद signup पर क्लिक करने पर आपके ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर जो भी आपने यूज़रनेम में डाला है उसपर एक ONE टाइम OTP आएगी। जो इस प्रकार की होगी।
यह OTP 10 मिनट के लिए ही वैध रहेगी।
इसे एंटर करने पर आपका एकाउंट DIGILOCKER में क्रिएट हो जाएगी।
थैंक्स नेक्स्टज्ञान के अगले अंक में बताएंगे कि इसे कैसे उपयोग में लाते है।

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