Friday, 27 March 2020

मोबाईल मॉडल और उनके निर्माता कंपनी देश

कौन सा मोबाइल किस देश का है ?


भारत की मोबाइल कंपनी
माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन, इंटेक्स, सओलों, स्पाइस,
लाईफ, वीडियोकॉन, सेलकॉन ओनिडा ए सी एल विप्रो आई-बॉल अकाई टी सीरीज सलोरा अराइज़और टेक्सला इंडियन है।

** चीन की मोबाइल
लेनोवो, असुस् कूलपैड जियोनी हुवाई, विवो ओप्पो और शाओमी (एमआई) चीन की कंपनी है।


**अमेरिकी मोबाईल कंपनी
अमेरीका पेल एप्पल एचपी मोटोरोला, इन्फोकस और
माइक्रोसॉफ्ट अमेरिकी कम्पनी है।


जापान मोबाईल कंपनी
सोनी, तोशीबा, संसूई और पैनासोनिक जापानी कम्पनी है।
         

दक्षिण कोरिया मोबाइल कंपनी
सैमसंग और एलजी दक्षिण कोरिया की कम्पनी है।
         
           

* ताइवान मोबाइल कंपनी
आसुस एसर एच सी एल ताइवान की मोबाइल कंपनी है।

*** मोबाईल फोन प्रयोग करने में सावधानी
मोबाइल फोन आने के बाद लोगों को इसका लाभ भी मिला है तो इसके दुष्परिणाम भी हुए है।
आजकल के मोबाइल फोन में एक दूसरे से बातचीत कर
सकते है, मैसेज भेज सकते है, वीडियो देख सकते है
इनमें लगे कैमरा से कोई भी फोटो ले सकते है और साथ
ही इंटरनेट भी चला सकते है जहां पर हम दुनियाभर की
जानकारी ले सकते है।
लेकिन मोबाइल फोन से जितने लाभ है उतने ही नुकसान भी हुए हैं लोग इसका इस्तेमाल हर जगह करने लगे है लोग ज्यादातर टाइम अपना मोबाइल चलाने में बिताते है।इसके कारण आंखें कमजोर हो जाती है और साथ ही साथ बच्चों को कम उम्र में मोबाइल दिए जाने के कारण उनका मन पढ़ाई लिखाई में नहीं लगता है।
मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए नुकसान भी साबित हो सकता है। लेकिन कुछ सावधानियां बरती जाएं तो मोबाइल रेडिएशन से होने वाले खतरों से
काफी हद तक बचा जा सकता है।
* मोबाइल पर बात करते समय आप मोबाइल को शरीर से जितना दूर रखेंगे उतना अच्छा है. इसके लिए आप चाहें तो ऐसे हेड- सेट्स यूज कर सकते हैं जिनमें ईयर पीस और
कानों के बीच प्लास्टिक की एयर ट्यूब हो।
* जेब में ना रखे।
मोबाइल को हर वक्त जेब में रखकर न घूमें। इसके साथ ही न ही तकिए के नीचे या बगल में रखकर सोएं क्योंकि मोबाइल
हर मिनट टावर को सिग्नल भेजता है। सबसे अच्छा होता है कि मोबाइल को जेब से निकालकर कम-से-कम दो फुट यानी लगभग एक हाथ की दूरी पर रखें। सोते हुए भी दूरी बनाए रखें। अतः आप सभी मोबाइल उपभोक्ताओं से आग्रह है कि उपरोक्त सावधानी बरतते हुए मोबाईल फोन का उपयोग करें।
इन सबके अतिरिक्त मोबाइल फोन के कुछ फायदे भी है।
मोबाइल फोन के लाभ
(1) मोबाइल फोन से हम दुनिया के किसी भी व्यक्ति से
बिना उसके पास जाएं बात कर सकते है। सोशल दूरी भी बना सकते हैं।
(2) मोबाइल फोन को व्यापार में केलकुलेटर के रूप में
उपयोग में लिया जा सकता है। डिजिटल लेन देन भी कर सकते हैं।
(3) इसका उपयोग करके हम एक दूसरे को संदेश भेज
सकते है।
(4) मोबाइल फोन से हम फोटो और वीडियो भी बना सकते है।
(5) इसे हम इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं जिसे हम इंटरनेट पर उपलब्ध सभी जानकारियों को देख और पढ़
सकते है।
(6)मोबाइल फोन कंप्यूटर में होने वाले लगभग सभी कार्य कर देता है।
(7) मोबाइल फोन बहुत ही छोटा उपकरण है।हमारे जेब में आसानी से आ जाता है जिसके कारण हम मोबाइल का किसी भी जगह इसका उपयोग कर सकते है।
(৪) इससे हम किसी भी वस्तु व्यक्ति के बारे में या फिर
अन्य कोई जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते है।
(9) मोबाइल फोन को अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए
भी उपयोग में लिया जाने लगा है इसमें एक बटन दबाते
हैं परिचितों के पास एक संदेश पहुंच जाता है जिसे वे लोग उन्हें बचाने के लिए जल्दी पहुंच सकते है।
(10) अगर हम कोई नए शहर या देश में जाते है तो वह
अगर हम भटक जाते है तो इसकी सहायता से हम मैप और अपनी करंट लोकेशन देख सकते है।
(11) इसकी सहायता से इंटरनेट पर नए दोस्त बना
सकते है और साथ ही अपने दोस्तों और परिचितों के
साथ जुड़े रह सकते है जिससे हम हर पल की जानकारियों सभी लोगों को एक साथ दे सकते है।
(12) इसके उपयोग से घंटों के काम आसानी से हो जाते है।

Monday, 17 February 2020

** HRMS- FORM ** क्या है, रेलवे कर्मचारियों को क्यों भरना आवश्यक है?


HRMS फॉर्म रेलवे के द्वारा क्यो भरवाया जा रहा है इसका क्या फायदा हैं। इसके बारे में जानना जरूरी है।
HRMS का मतलब ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम होता है। भारत सरकार के डिजिटल योजना के अंतर्गत सभी केंद्रीय कर्मचारियों का ब्यौरा डिजिटल हो रही हैं।
 HRMS के तहत एक फॉर्म भरा जा रहा है। जिसमें अभी यानी वर्तमान तक कि सूचना आपको भरनी है।
HRMS के द्वारा निम्नलिखित जानकारी और सुविधाएं रेलवे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने जा रही है।
** इसके अंतर्गत सभी रेलवे कर्मचारी वर्तमान तक कि अपनी सभी छुट्टियों के बारे पूरा ब्यौरा की जानकारी देख सकते है।
** आपका कोई DA या कोई एरियर बाकी है तो उसकी जानकारी HRMS में प्राप्त किया जा सकता है।
** इसमें कर्मचारी छुट्टियों के लिए भी एडवांस में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको क्लर्क के पास जाने की जररूत नही है।
**  आपको कब इन्क्रीमेंट मिलनी है इसकेबारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।
** यदि आप पदोंनत्ती के बारे में जानना चाहते हैं यानी आपकी वरीयता सूची डिवीज़न में क्या है इसकी जानकारी आप HRMS के तहत प्राप्त कर सकते है।
** यदि आपको छुटटी लेनी है तो आप छुटटी के लिए आवेदन  HRMS के द्वारा लगा सकते है। एप्लीकेशन मंजूर हो जाएगा और आपको छुट्टी मिल जाएगी।
इसके लिए जो फॉर्म भरवाया जाएगा उसका प्रारुप इस प्रकार है।
इसमें क्या भरना है और कैसे भरना है आइए जानते है।
HRMS फॉर्म सभी जोन में अलग अलग भरा जाएगा।
 ** साउथ ईस्टर्न रेलवे का सर्कुलर और फॉर्म निम्नप्रकार से है।                                       
 


HRMS पर अपना सेवा विवरण/सेवा पुस्तिका देखने
हेतु निम्न प्रक्रिया अपनाई जायेगी-
** 1.सर्वप्रथम आप CRIS द्वारा Download Software को Google play Store पर जाकर HRMS Mobile App form Indian Railway को Download/Install करेगें।


**2.Download/Install होने के उपरांत आप Register Now पर Click करेंगे।



**3.रिक्त स्थान में आप अपना 11 अंकों का PF No.
(जैसें 332NP204209/33204425232) लिखकर Proceed पर Click करेंगे।


**4. Proceed करने के बाद स्क्रीन पर आपका विवरण
दिखेंगा तथा आपके Registered Mobile पर OTP भेज
दिया जायेगा।

**5.आपके के विवरण के नीचे रिक्त स्थान पर 5 Digit का
OTP फीड करेगें।
**6.OTP फीड होने के उपरांत आपका Registration पूर्ण हो जायेगा।
**7. Registration पूर्ण हो जाने पर आपका 6 शब्दों/Word का HRMS ID एवं Password (Default- Test@123) प्राप्त होगा। इसके पश्चात आप अपनी स्कैन SR एवं अन्य विवरण देख सकेंगे।




Friday, 31 January 2020

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जाने अपनी योग्यता

आयुष्मान भारत योजना के तहत आप पात्र है कि नही इसकी जानकारी प्राप्त करने के तीन तरीके हैं।
** प्रथम: :-  वेबसाइट www.mera.pmjay.gov.in 

को ओपन करें। इसमें एक विंडो खुलेगी। जो निन्म प्रकार से होगी।

इसमें एक सर्च ऑप्शन में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। उसके बाद कैप्चा कोड को दर्ज करके सबमिट करें। इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। जिसे सबमिट करें।

इसके बाद आपकी योग्य होने की जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी।
** द्वितीय :- आप अपने मोबाइल से टोल-फ्री नंबर:- 14555
से डायल करें। आपसे कुछ जानकारी जैसे आधार नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। उसके बाद आपको आपकी योग्यता के बारे में बता दी जाएगी। आधार नम्बर की ओटीपी नही बताये। 

** तृतीय :- आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पताल के आरोग्य मित्र से अपनी योग्यता की जानकारी प्राप्त कर सकते है।

आयुष्मान भारत योजना के तहत धनबाद में अस्पतालों की संख्या 12 से बढ़कर 18 हो गयी है। सरकार ने धनबाद के में छह और अस्पतालों के साथ एमओयू किया है। नए अस्पतालों में पार्क क्लिनिक, श्रेष्ठा नेत्र चिकित्सालय, डॉक्टर भूषण हेल्थ केयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, आशीर्वाद पॉलीक्लिनिक, पूजा नर्सिंग होम तथा सुयाश क्लिनिक शामिल है। इसके पूर्व नामधारी हॉस्पिटल, एशियन द्वारकादास जालान, एएसजी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, सीएचसी तोपचांची, चक्रवर्ती नर्सिंग होम, झारखंड डायबिटिक एंड आई सेंटर, नयनदीप आई हॉस्पिटल, सनराइज हॉस्पिटल, हाईटेक हॉस्पिटल, सर्वा मंगला नर्सिंग होम, जिमसार हॉस्पिटल और सूर्योदय नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी सेंटर के साथ करार हुआ था

Thursday, 30 January 2020

कोरोना वायरस क्या है ? इससे बचाव के उपाय

कोरोना वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों और इंसानों को बीमार कर सकता है। ये एक RNA वायरस है, जिसका मतलब ये है कि यह एक शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुन: उत्पन्न करने के लिए करता है। चीन के वुहान में फैल रहा जैसा कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया। इसलिए इसके बारे में ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।

एक्सपर्ट्स केअनुसार कोरोना वायरस एक ऐसे वायरस के परिवार से आता है जो मनुष्यों, मवेशियों, सूअरों, मुर्गियों, कुत्तों, बिल्लियों और जंगली जानवरों को को संक्रमित करता है।
जब तक इस नए कोरोना वायरस की पहचान नहीं हुई, तब तक मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए केवल छह अलग-अलग कोरोना वायरस थे। इनमें से चार एक हल्के आम सर्दी की बीमारी का कारण बनते थे। हालांकि, 2002 के बाद से दो नए कोरोना वायरस के आए हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, यह वाइरस सी-फूड से जुड़ा है और इसकी शुरुआत चाइना के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाज़ार से ही हुई मानी जा रही है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह वायरस ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने इस बात का अंदेशा भी जताया है कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

कैसे फैलता है ये वायरस
ये बीमारी सिर्फ खांसी और छींक के ज़रिए लोगों में फैल सकती है, इसका मतलब ये वायरस बेहद आसानी से किसी को भी संक्रामित कर सकता है। इसके अलावा यह लार के ज़रिए निकट संपर्क, चुंबन या फिर बर्तन शेयर करने से भी फैल सकता है। क्योंकि यह फेफड़ों को संक्रमित करता है, इसलिए खांसते वक्त मुंह से निकले वाली बूंदें भी सामने मौजूद व्यक्ति को संक्रमित कर सकती हैं।

क्या हैं इसके लक्षण
इस वायरस से संक्रमित होने के कम से कम 14 दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू होते हैं। कोरोना वायरस के मरीज़ों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखाई देते हैं। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।


कोरोना वायरस का इलाज
इस वक्त कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं वायरस से नहीं लड़तीं, इसलिए इनका उपयोग व्यर्थ है। हालांकि, एंटीवायरल ड्रग्स काम आ सकते हैं, लेकिन नए वायरस को समझने और उसका समाधान निकालने में कई साल लग जाते हैं।

अभी तक कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। इस वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहे हैं।
तिब्बत को छोड़कर चीन के सभी प्रांतों से कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है.
चीन के अलावा, थाइलैंड में सात मामले, जापान में तीन, दक्षिण कोरिया में तीन, अमेरिका में तीन, वियतनाम में दो, सिंगापुर में चार, मलेशिया में तीन, नेपाल में एक, फ्रांस में तीन, ऑस्ट्रेलिया में चार और श्रीलंका में कोरोना वायरस का एक मामला सामने आया है।
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।

**वायरस के संक्रमण के लक्षण ?
सिरदर्द
नाक बहना
खांसी
गले में ख़राश
बुखार
अस्वस्थता का अहसास होना
छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना
थकान महसूस करना
निमोनिया, फेफड़ों में सूजन।

 बचाव के उपाय?
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। सौजन्य :- बीबीसी न्यूज़

Wednesday, 22 January 2020

प्रति घन्टे किराया पर कार ले।

एक ऐसी कंपनी जहाँ पर आप घंटे से हिसाब से किराया पर अलग अलग प्रकार की कार भाड़े पर ले सकते हैं।
इस कंपनी का नाम " ZOOMCAR INDIA PRIVATE LIMITED" है।

इस कंपनी में ग्राहक अपनी पसंद से अनेकों प्रकार की गाड़ियां प्रति घंटे के हिसाब से लेकर कार ड्राइविंग का आनंद ले सकते है। 
वर्तमान में कंपनी 45 शहरों में ये सुविधा उपलब्ध करा रही है। कंपनी के पास 7800 से ज्यादा कारे अलग अलग मॉडल की है। ग्राहक अपनी जरूरत और सुविधाओं के अनुसार कार भाड़े में ले सकते हैं।  इसके लिए आपको गूगल प्ले स्टोर से "zoomkar" नाम से एक ऐप को डाउनलोड करना होगा।
"Zoomkar" ऐप डाउनलोड करने के बाद आप अपने जीमेल या स्वयं के मोबाइल नंबर से इस एप में साइन-अप करके अपना एक एकाउंट बना सकते है, हालांकि बिना लॉगिन किये भी ये सुविधा प्राप्त की जा सकती है। 
ये कंपनी अपनी गाड़ियों को मंथली रेंटल पर भी देती है। कंपनी ओर भी अन्य ऑफर के साथ 6,12,24,36 माह के लिए कार मंथली भाड़े पे उपलब्ध करा रही है।
इसप्रकार आप बिना किसी इन्वेस्टमेंट के और बिना कार खरीदे कार का मज़ा ले सकते है।

Saturday, 28 September 2019

पादप जगत का वर्गीकरण

वनस्पति-शास्त्र में पेड़ -पौधे को प्राकृतिक रूप में जिस प्रकार रहते है उसका अध्ययन किया जाता है। वनस्पतिशास्त्र को निम्नलिखित शाखाओं में बाँटा जा सकता है।
1.मोरफोलॉज़ी(Morphology):- Morpho-आकृति, logos- विवेचन इसके अंतर्गत पेड़-पौधों की आकृति (shape) और रूप (form) का अध्ययन किया जाता है।
2. शारीरिकी (Anatomy):-( ana-पृथक, tamnein-काटना) इसके अंतर्गत पेड़-पौधे की आंतरिक-संरचना  के dissection का अध्ययन किया जाता हैं।
3.औतिकी (Histology):-histos-उत्तक, logos-विवेचन, इसके अंतर्गत पौधे के उत्तक की सूक्ष्म संरचना का अध्ययन किया जाता है। इसमें पेड़ पौधे के सूक्ष्म काटों (fine sections) के द्वारा निरीक्षण किया जाता हैं।
4.कौशाकी (Cytology):- cytos-कोशा, logos-विवेचन इस विभाग के अंतर्गत पेड़-पौधे के कोशा (cell) का अध्ययन किया जाता हैं।
पादप जगत का वर्गीकरण
अध्ययन की सुविधा के अनुसार चार लाख से भी अत्यधिक पाये जाने वाले पेड़-पौधे को समुहों में वर्गीकृत किया गया है।इन्हें इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है कि जिनके संरचना और जीवन च्रक एक समान हो।

पुरानी पद्दति में इचलर (Eichler,1839-1887) नामक वनस्पतिशास्त्री ने पादप जगत को दी भागों में बांटा था।

1.अपुष्पक (cryptogams ; kryptos-गुप्त यानी छिपा हुआ ,gamos-विवाह) यह वह पौधे होते है, जो न तो बीज धारण करते है और न तो स्पष्ट रूप से फूल। इसलिए cryptogams को 'बीजरहित"(seedless) या 'फुलरहित'(non-flowering) पौधे कहा जाता हैं।
अपुष्पको(cryptogams) को तीन उपविभागों में विभक्त किया गया है।।

(क) थैलोफाइटा (thallophyta)
     थैलोफाइटा को दो वर्गों में बांटा गया है। 1.शैवाल (algae)         
      2. कवक (fungi)

Types of thallophyta



(ख) ब्रायोफाइटा (bryophyta) 
       ब्रायोफाइटा को लिवरवर्ट (liverworts) और मॉस (mosses)   में बांटा गया है।


(ग) टेरिडोफाइटा (pteriodophyta)
2. सपुष्पक (phanerogams ; phaneros- दिखाई देने वाला ,gamos-विवाह)
सपुष्पकों (phenerogams) को भी दो उपविभागों में विभक्त किया गया है।
(क) नग्नवीजी (gymnosperms) इसे दो वर्गों में बांटा गया है।
  1.साइकेड (cycads)  2. कॉनिफर (conifers)
(ख) आवृतबीजी (angiosperm) इसे भी दो वर्गों में बांटा गया है।
 1. एकबीजपत्री (monocotyledons)  2.द्विबीजपत्री (dicotyledons)

आधुनिक युग मे पेड़-पौधे को नई वर्गीकरण के द्वारा बांटा गया है। जिन्हें आधुनिक वर्गीकरण (Modern classification) कहा जाता है।
इन वर्गीकरण में पेड़-पौधों को कुछ समुदाय, जिन्हें फाइलम (phyla; एकवचन-phylum) में बाँटते है। पूरे पादप जगत को 25 फाइलम में विभाजित किया गया है।
इनमे प्रथम 15 फाइलम पुराने वर्गीकरण के अनुसार जिन्हें थैलोफाइटा (thallophyta) कहते है उसके अंतर्गत आने वाले पौधे है।
16 से 18 तक के फाइलम :- ब्रायोफाइटा (bryophyta)  के अंतर्गत आने वाले पौधे है।
19 से 22 तक के फाइलम :- टेरिडोफाइटा (pteriodophyta) के अंतर्गत आने वाले पौधे है।
23 और 24 तक के फायलम:- नग्नवीजी(gymnosperms) के अंतर्गत आने वाले पौधे है।
25 वें फायलम :- आवृतबीजी (angiosperm के अंतर्गत आने वाले पौधे है।

पत्तियों की संरचना और उसके भाग

पत्ती को तने या शाखा की लेटरल वृद्धि कह सकते है। पत्तियाँ एक पर्वसंधि (नोड) से विकसित होती है और इसके कक्ष में एक कलिका होती हैं। साधारणतः यह हरे रंग की होती है।यह पौधे का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग मन जाता हैं क्योंकि पौधे का भोज्य पदार्थ इसी से बनता है।
पत्ती के अन्य भाग होते है।।                                             1.पर्णाधार (Leaf-base):- यह पत्ती का वह भाग है जिसके द्वारा पत्ती तने से जुड़ी हुई रहती है।                        2. पर्णवृन्त (Petiole):- यह पत्ती का मध्य डंठल होता है। जब यह नही होता हैं तो पत्ती को अवृन्त (sessile) कहते हैं। जब यह उपस्थित रहता है तो सवृन्त (petiolate) कहते हैं। अवृन्त पत्ती के  पर्ण-फलक (leaf-blade) का आधार दो पाालियो lobes में बॅट रह सकता है।                         3. पर्ण-फलक या पत्रदल ( Leaf-blade or Lamina):- पत्ती का यह भाग हरा और फैला हुआ भाग है। इसके अध्ययन में सिरे (apex) और किनारे (margin) की आकृति, पत्ती की सतह, पत्ती की बनावट, नाडियों (Rib) का वितरण, सम्पूर्ण पत्ती की प्रकृति -अथार्त पत्ती सरल (simple), हैं या संयुक्त (compound) या उसका कोई मॉडिफाइड रूप है। पर्ण-फलक या पत्रदल  में एक मोटी नाड़ी (Rib) जो मध्य-नाड़ी (mid-rib) कहलाती हैं, पत्ती के मध्य ने नीचे से शीर्ष (Apex) तक जाती हैं। इसके lateral से बहुत नाड़ियां निकलती हैं पुनः इनसे छोटी छोटी नाड़ियांए (Ribs) निकली हुई होती हैं।                                            4. अनुपत्र (stipules) :- पत्ती के बेस पर उसके दायें-बाएँ निकली हुई अतिवृद्धि (appendages) को अनुपत्र कहते है। ये साधारणतः हरे रंग के कभी कभी मुरझाये हुए दिखाई देते हैं। कुछ अनुपत्र (stipules) पत्रदल या पर्ण-फलक के साथ हमेशा जीवित रह सकते हैं।

5.पत्ती का किनारा ( Margin of the leaf) :- पत्ती का किनारा निम्नलिखित तरह का हो सकता है।      (क) अभिन्न (Entire) :- एक जैसा और चिकना  जैसे आम, बरगद, कटहल इत्यादि।                                           (ख) तरंगित (Repand) :- ऐसी पत्तियां लहरदार होतीं है। जैसे:- अशोक।                                                        (ग) आरिवत (Serrate) :-  ऐसी पत्ती आरी के दांतों के जैसे दांत ऊपर की ओर उठी हुई, जैसे गुड़हल, गुलाब, नीम    (घ) दंतुर (Dentate) :- ऐसी पत्ती के किनारे दांते जैसे बाहर की तरफ और पत्ती के किनारे से समकोण बनाती है। जैसे ख़रबूज़ा औऱ कुमुदिनी (water lily) में।                (ङ) गोलछिद्र (Crenate) :- यदि पत्ती गोल दाँतो वाली होती हैं। जैसे ब्राही ( Centella asiatica), अजूबा।        (च) शल्यमय (Spinous) :- ऐसी पत्ती में किनारे में कई नुकीले बिंदु होते है। जैसे भरभंडा ( Argemone maxicana )
पत्ती का सतह (Surface of थे leaf)
पत्ती के सतह के आकार और बनावट के आधार पर निम्न नाम दिए जाते है।
1.रोमयुक्त (Hairy):- जब किसी पत्ती के सतह पर घने रोम  या छितर रूप में हो।
2.खुरखुरा(Rough):- जब किसी पत्ती को चुने पर खुरदुरापन का अनुभव हो।
3. चिक्कन (Glabrous) :- जब किसी पत्ती का सतह चिकना, मुलायम और रोमों तथा किसी अन्य प्रकार की अतिवृद्धि से रहित हो।
4. आश्ललिश्मित( Glutinous):- जब किसी पत्ती के धारातल पर चिपचिपे पदार्थ का स्त्राव जमा रहता हो। जैसे:- तम्बाकू की पत्ती
5. नीलरहित ( Glaucous):- जब किसी पत्ती का सतह हर और चमकीला हो।
6. शाल्मय(Spiny) :- जब किसी पट्टी का सतह पर शल्य(spine) उपस्थित रहता हो।

WDG4 DIESEL LOCO POWER DISTRIBUTION

 इंजन स्टार्ट होते ही मेन बैंक सापट के गियर से चाल लेकर Auxiliary जनरेटर का आमेचर घूमना शुरू कर देता है जो स्वंय के बनाये गये करन्ट से इसकी ...