Saturday, 13 July 2019

स्टेटिक कन्वर्टर लोको प्रयुक्त नये रिले

 आजकल स्टेटिक कन्वर्टर की अधिक उपयोगिता के कारण इसे आर्नो कन्वर्टर के बदले इलेक्ट्रिक लोको में लगाया जा रहा है। अतः इसमे कुछ नए रिले भी लगे है।
         

1.रिले QCON
ये रिले , रिले पैनल या रिले पैनल के पीछे दीवाल पर लगी रहती है। ये स्टेटिक कन्वर्टर की कम की जांच करती है। ये वोल्टेज सेंसर के द्वारा एनेरज़ाइएज़ होकर LSCHBA(बैटरी चार्जर लैंप) को बुझाती है। इसके एनेरज़ाइएज़ होने पर ही कम्प्रेसर का चलना संभव होता है। इसको आवश्यकता पड़ने पर एनेरज़ाइएज़ अवस्था में वेज़ कर सकते हैं।

2. रिले QTD
यह रिले पैनल पर या रिले पैनल के पीछे दीवाल पर लगी रह सकती है। इसमें 5 सेकंड का टाइम डिले है। यदि BLCPA या BLCPD स्विच "ON" है तब यह रिले QCON रिले के एनेरज़ाइएज़ होने के 5 सेकंड बाद एनेरज़ाइएज़ होती है। इसके एनेरज़ाइएज़ होने पर ही कंप्रेसर काम करेंगे। QTD रिले को आवश्यकता पड़ने पर एनेरज़ाइएज़ अवस्था मे वेज़ किया जा सकता है।
अथार्त रिले QCON और रिले QTD101 , कंप्रेशर को अन्य ऑक्सीलियरी मोटरों से बाद में चलाती है।
नोट:- रिले QCON या रिले QTD101 को वेज़ करने पर LSCHBA(बैटरी चार्जर लैंप) बुझने के 15 सेकंड बाद BLCPA (कंप्रेशर का स्वीच) "ON" करेगे।

3.रिले QSVM
यह रिले ब्लोअर मोटर के कॉन्टैक्टर C105, C106, C107 को ऑफ लोड में बंद कराती है। इसमे 2 सेकंड का टाइम डिले है। DJ ऑन करने के बाद BLVMT को ऑन करने पर ऑक्सीलियरी कॉन्टैक्टर को ON लोड आपरेशन से बचाने के लिए  SIV बन्द होकर  2 सेकंड बाद पुनः इस रिले के द्वारा स्टार्ट होता है।
इस रिले के एनेरज़ाइएज़ होने के लिए निम्नलिखित शर्त है।
1. CCA फ्यूज ठीक होना चाहिए।
2. DJ क्लोज हिना चाहिए।
3.BLVMT,(ब्लोअर मोटर का स्वीच) "ON"होना चाहिये।
4.बैटरी वोल्टेज 60 बोल्ट से ज्यादा होना चाहिए।

4.रिले QSIT
यह रिले दो तरह की हो सकती है।
1.टारगेट वाली रिले QSIT:- इसमे LSSIT लैंप नही होती हैं।
2.प्लंजर टाइप रिले QSIT:- इसमें LSSIT लैंप है।
SIV फिटेड लोको में यह रिले ऑक्सीलियरी पावर सर्किट की सेफ्टी रिले है। ऑक्सीलियरी पावर सर्किट में काज उपकरणों में आये ओवर करेंट या अर्थ फाल्ट की घटना होने पर ये सेंसर के द्वारा एनेरज़ाइएज़ होती हैं और MTDJ ब्रांच पर लगे यह रिले अपने NCI(नॉर्मली क्लोज्ड इंटरलॉक) को खोलकर DJ ट्रिप कराती है। पायलट लैंप LS-SIT को जलाती है।
यदि QSIT रिले टारगेट वाली है तो टारगेट गिराती है। जिससे लोको की सुरक्षा हो जाती है।
रिले QSIT के द्वारा लोको के ट्रिप का संदेश  माइक्रोप्रोसेसर डिस्प्ले यूनिट और SIV के पैनल पर लगे स्क्रीन पर देखा जा सकता है। 

Saturday, 6 July 2019

ट्रैन का लाइव रिजर्वेशन चार्ट कैसे देखें

अब भारतीय नागरिकों के भारतीय रेल नित्य दिन सुविधा उपलब्ध कराने में प्रतिबद्ध है। भारतीय रेल में अब आप ट्रैन चार्ट निकलने के बाद उपलब्ध सीट की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। रनिंग ट्रैन अथार्त ट्रैन के डिपार्चर आरंभिक स्टेशन से हो जाने के बाद भी अगले नेक्स्ट स्टेशन की सीट उपलब्धता प्राप्त कर सकते है।
इसके लिए आपको निम्न प्रक्रिया करनी होगी।
सवर्प्रथम आपको किसी भी सर्च इंजन में या गूगल सर्च इंजन में "ऑनलाइन रिजर्वेशन चार्ट " लिखना है।
 
उपरोक्त चित्र में पहला url Reservation Chart-irctc पर  क्लिक करके इसका वेबसाइट खोले। जिस पर निम्न मेंनु आयेेगी।
अब उपरोक्त चित्र में तीन ऑप्शन आया है।
1.ट्रैन नेम/नंबर:- इसमे  उस ट्रैन का नाम डालना है जिस ट्रैन की आप चार्ट देखना चाहते है।
2. दिनांक यानी वह ट्रैन जिसका आपने ट्रेन नंबर डाला है वह ट्रैन ओरिगिनेटिंग (आरंभिक) स्टेशन से किस दिन को खुली है। यदि लंबी दूरी की ट्रेन है तो हो सकता है वह आज अथार्त वर्तमान में किसी मध्यवर्ती स्टेशन पर हो
3. इसमे उस स्टेशन का नाम डालना है जहाँ से आप इस ट्रेन की चार्ट देखनी है।
उपरोक्त तीनो डेटा एंट्री करने के बाद आपको 
GET TRAIN CHART
पर क्लिक करना है। 
इसके उपरांत निम्न मेनू आएगा जिसमे कोच के प्रकार SECOND AC(2A) THIRD AC(3A) SLEEPER CLASS (SL) 
ऊपर के चित्र में जिस क्लास का स्टेटस देखना है उस पर क्लिक करे।

इसके बाद आप जिस क्लास को क्लिक किये है उसी के अनुरूप कोच संख्या प्रदर्शित होगा।
जैसे AC कोच के SECOND AC के लिए A-1, A-2 AC 3कोच(बोगी) के लिए  B-1, B-2 और स्लीपर कोच के लिए S-1,S-2,S-3 इत्यादि जो निम्न प्रकार से होगा।
इसमें कहाँ से कहाँ तक सीट occupied है। और vaccant है। वह पता चल पायेगा।
THANKS FOR WATHCHING 

Friday, 5 July 2019

👍 फीडिंग पावर सर्किट इलेक्ट्रिक लोको


25 KV 50 Htz AC सप्लाई OHE(ओवर हेड एक्सटेंशन) के कांटेक्ट वायर से लोको के पेंटो रूफ बार के द्वारा DJ(ACB) एयर ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर या VCB ( वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) तक आती है। जब DJ को बंद अथार्त क्लोज्ड किया जाता है। तो AC की सप्लाई मेन ट्रांसफार्मर में चली जाती है।
मेन ट्रांसफार्मर एक ऑटो ट्रांसफार्मर होता है। जिसमे सिंगल बाइंडिंग होती है। और इसमें 'O' सहित 32 टेप्स होते है। यह ट्रांसफार्मर एक अल्युमिनियम से बने टैंक में स्थित होते है। इस टैंक में तापरोधी और कुचालक तेल भरा होता हैं। ट्रांसफार्मर ऑयल को Forced Air cooling method के द्वारा ठंडा किया जाता है। ट्रांसफार्मर ऑयल को ठंडा रखने के लिए इस ऑयल को एक पंप (MPH) के द्वारा रेडियेटर में CIRCULATE (घुमाया) जाता है। जहाँ इसे ब्लोअर (MVRH) के द्वारा ठंडा किया जाता हैं।
ट्रांसफार्मर टैंक में निम्नलिखित 5 वाइंडिंग होती है।
1. ऑटो ट्रांसफार्मर (TFWA) 33 टेप्स के साथ
2. ट्रैक्शन ट्रांसफार्मर की प्राइमरी वाइंडिंग (TFP)
3. ट्रेक्शन ट्रांसफार्मर की सेकंडरी वाइंडिंग संख्या-1(TFP-1)
4. ट्रेक्शन ट्रांसफार्मर की सेकंडरी वाइंडिंग संख्या-2 (TFP-2)
5. ट्रांसफार्मर की ऑक्सीलियरी वाइंडिंग (TFWA)
ट्रांसफार्मर वाइंडिंग से बिजली की सप्लाई प्रदान करने या प्राप्त करने के लिए बुशिंग का उपयोग किया जाता है,जो ट्रांसफार्मर टैंक पर स्थित रहता है।
ट्रांसफार्मर टैंक पर स्तिथ कुछ मुख्य बुशिंग निम्नलिखित है।

1. A0 - यह bushing ट्रांसफार्मर टैंक पर MVRH (ट्रांसफार्मर टैंक के आयल को ठंडा करने वाली ब्लोअर मोटर) के ठीक नीचे लगी रहती है। इसके द्वारा मेन ट्रांसफार्मर (TFWR) तथा TFP प्राइमरी वाइंडिंग को अर्थ किया जाता है।

2. A33 - इसे रूफ बुशिंग भी कहा जाता है। इसके द्वारा MAIN TRANSFORMER (TFWR) को सर्किट ब्रेकर DJ/VCB से हाई वोल्टेज की सप्लाई प्राप्त होती है। यह SMGR के बगल में ट्रांसफार्मर टैंक पर स्तिथ है।
3. यह भी एक प्रकार की बुशिंग है। इस बुशिंग के द्वारा TFP प्राइमरी वाइंडिंग को हाई वोल्टेज सप्लाई मिलती है। यह PHGR के बगल में ट्रांसफार्मर टैंक पर स्तिथ है।
4. A0-A1 और A7-A8 :- इस बुशिंग के द्वारा TFP-1 और TFP-2 की बिजली की सप्लाई प्राप्त होती हैं। यह MPH के बगल में ट्रांसफार्मर टैंक पर स्तिथ है।

फीडिंग पावर सर्किट में निम्नलिखित उपकरण रहते है।
(1.)PT-1   (2.)HPT1+2   (3.)ET1+2 रूफ बार  (4.) DJ/VCB सर्किट ब्रेकर , TFILM (सेफ्टी रिले QLM का टांसफार्मर), सेफ्टी रिले QLM, HOM, मेन ट्रांसफार्मर, GR(ग्रेज़ुएटर) TFP
PT-1 और PT-2 (पेंटोग्राफ):- यह एक करंट कलेक्टर है जो  OHE में प्रवाहित 25 KV से करंट की सप्लाई कलेक्ट कर DJ/VCB (सर्किट ब्रेकर) के बंद रहने पर TFWR (मेन ट्रांसफार्मर) को रूफ बुशिंग (A-33) के माध्यम से पहुँचाती है। PT-1 और PT-2 लोको की छत पर 4 बेस इंसुलेटर पर लगा है।
HPT-1 और HPT-2 :- यह पेंटो असेम्बली के पास लगा रहता है। दिखने में रूफ बार की तरह लगता है। इसे पेंटो का ग्राउंडिंग स्विच कहते है। इसकी मदद से PT को इलेक्ट्रिकली आएसोलेट किया जाता है।
रूफ बार :- यह धातु का बना हुआ बेलनाकार उपकरण है। जो इंसुलेटर पर लोको की छत पर लगी रहती है। इसी के द्वारा या माध्यम से विधुत धारा DJ/VCB सर्किट ब्रेकर तक जाती है।
सर्ज अर्रेस्टर ET-1 और ET-2
ET-1 :- यह लोको की छत पर लगा रहता है। इसे सर्ज अरेस्टर या लाइटिंनिंग अर्रेस्टर भी कहा जाता है। ये DJ/VCB की खुली अवस्था मे और पेंटो की बंद अवस्था मे DJ/VCB सर्किट ब्रेकर के ऊपर अथार्त पहले के उपकरणों की सुरक्षा करता है। इसका स्पार्क गैप 180-210 mm तक होता है।
ET-2 :- इसे सर्ज अर्रेस्टर फ़ॉर एक्सेस OHE सप्लाई कहते है। ET-2 DJ बंद होने के बाद सर्विस में आता है। ET-2 स्पार्क गैप 70-90 mm होता है।

Saturday, 29 June 2019

बैटरी चार्जिंग कार्यप्रणाली इलेक्ट्रिक लोको

इलेक्ट्रिक लोको में बैटरी चार्जिंग
इलेक्ट्रिक लोको में लोको की बैटरी को चार्ज करने के लिए एक स्टेटिक बैटरी चार्जर लगा हुआ है। DJ के बंद होने पर ARNO/SIV से इनपुट में 380/415 वोल्ट AC सप्लाई प्राप्त करता है। और आउटपुट में 110 वोल्ट DC सप्लाई देता है। इसके कार्य की जांच के लिए रिले QV61 लगा हुआ है।
यदि फ्यूज CCBA ठीक है तो बैटरी चार्जर के कार्य करने पर निम्नलिखित दो क्रियाएं होती है।

लोको की बैटरी को 110 वोल्ट DC सप्लाई से चार्जिंग ।
बैटरी चार्जर के द्वारा लोको के सभी प्रकार के कंट्रोल सर्किट को 110 V DC सप्लाई देना।
बैटरी चार्जर पर चार्जिंग कर्टेन्ट देखने के लिए एक अमीटर लगा होता है। इसका नार्मल चार्जिंग करंट 2 से 5 एम्पियर होता हैं। बैटरी के चार्जर को आईसोलेट (कार्य से अलग) करने के लिए एक रोटेटिंग स्विच HCHBA लगा होता है।
स्विच HCHBA के दो पोजीशन होते है।
पोजीशन "0" :- बैटरी चार्जर कार्य से अलग
पोजीशन "1":- बैटरी चार्जर कार्य पर।
मुख्य प्रश्न:-
सही और गलत का चयन करें।
प्रश्न 1.एनेरज़ाइज़ लोको में CCBA मेल्ट होने पर DJ खुल जायेगा।
1.उत्तर - गलत
प्रश्न 2. फ्यूज CCBA मेल्ट होने पर बैटरी वोल्टेज देख सकते हैं तथा चार्जिंग वोल्टेज नही देख पाएंगे।
2. उत्तर :- सही
प्रश्न 3. फ्यूज CCBA मेल्ट होने पर फ्यूज टेस्टिंग लैंप कार्य करेगा।
3. उत्तर :- सही
प्रश्न 4. फ्यूज ADD. CCBA मेल्ट करने पर एनेरज़ाइज़ लोको में क्या असर पड़ेगा ?
4. उत्तर :- बैटरी की चार्जिंग बंद हो जायेगी।
प्रश्न 5. DJ के खुले होने पर फ्यूज ADD. CCBA मेल्ट कर जाए तो लोको में क्या असर पड़ेगा?
5. उत्तर:- निम्नलिखित असर पड़ेगा।
1. पैंटो गिर जाएगा
2. I. P वाल्व से B.P प्रेशर गिर जाएगा।
3. पायलट लैंप बुझ जाएगा।
4. LECC लैंप (फ्यूज टेस्टिंग लैंप) कार्य नही करेगा।
प्रश्न 6. CHBA(बैटरी चार्जर) कार्य नही करने के क्या क्या संकेत है।
6. उत्तर :-
1.चार्जर के कार्य नही करने पर LSCHBA बुझा रहेगा।
2. चार्जर यूनिट में लगे चार्जिंग अमीटर में +Ve तरफ 2 से 7
Amp. चार्जिंग करंट दर्शायेगा।
3. एनेरज़ाइज़ लोको में HBA "O" करने पर DJ खुल जायेगा।

Tuesday, 25 June 2019

इलेक्ट्रिक लोको में न्यूमैटिक प्रेशर की उपयोगिता

इलेक्ट्रिक लोको में कम्प्रेशर का उपयोग
इलेक्ट्रिक लीक में तीन छोटे मेन कंप्रेशर HCP(14 H.P) या दो बड़े MCP (27.5 H.P) लगे रह सकते है। DJ बंद करने पर , BLCP 'ON' करने के बाद HCP के पोजीशन के अनुसार मेन कंप्रेशर (MCP) कार्य करने लगते है। तीन छोटे MCP उपलब्ध रहने से कोई दो MCP को एक साथ चलाया जा सकता है।लेकिन बड़े MCP को अकेले चलाया जाता है। छोटे MCP की क्षमता 1000 लीटर प्रति मिनट है। तथा बड़े MCP की क्षमता 2000 लीटर प्रति मिनट है।
WAP-4 लोको में कुल पाँच MR (मेन रिजर्वायर) होते है और 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले CP की संख्या कुल दो होती है। WAG-7 लोको में कुल चार MR होते हैं और CP(कंप्रेशर) की संख्या दो या तीन हो सकती है।
WAP-4 लोको में प्रत्येक MR की क्षमता 150 लीटर होती है, परन्तु MR-3 क्षमता 203 लीटर होती है।
WAG-7 लोको में प्रत्येक MR की क्षमता 150 लीटर होती हैं।
MCP(मेन कंप्रेशर) के के कार्य करने पर कंप्रेस्ड एयर , AFTER COOLER एवं CDC-1 से होते हुए MR-1 एवं MR-2 में जाती है।
प्रत्येक CP के डिलीवरी पाइप के साथ एक HPSS (हाई प्रेसर सेफ्टी वाल्व) तथा अनलोडर सेफ्टी वाल्व (VEUL) लगा है। HPSS-1 की सेटिंग्स 11.5 Kg/cm` होती हैं। अनलोडर मैगनेट वाल्व के साथ एक आईसोलटिंग कॉक भी लगा रहता है।
MR-1/आफ्टर कूलर तथा MR-2 में उपस्थित नमी को बाहर निकालने के लिए एक ऑटो ड्रेन वाल्व लगा होता है। इसका नियंत्रण एक इलेक्ट्रो न्यूमैटिक वाल्व के द्वारा होता हैं। जिसे VEAD कहते है। RGCP के कट आउट पोजीशन पर VEAD एनेरज़ाइएज़ होता हैं और कट इन पोजीशन पर डी एनेरज़ाइएज़ होता है। VEAD के एनेरज़ाइएज़ होने से ऑटो ड्रेन वाल्व ऑपरेट होकर MR-1, आफ्टर कूलर तथा MR,-2 की नमी को बाहर निकाल देता है। RGCP कट आउट पोजीशन पर CP के कॉन्टैक्टर खुले रहते हैं। जिससे Q119 रिले एनेरज़ाइएज़ होकर VEUL के एग्जॉस्ट पोर्ट को खोल देता है। जिसे CP हेड तथा नॉन रिटर्न् वाल्व के बीच की हवा बाहर निकल जाती है। और CP ऑफ लोड में आसानी से स्टार्ट हो जाती है। VEAD वाल्व तथा RGCP दोनो के साथ एक एक आएसोलेटिंग कॉक लगा होता है।

Friday, 21 June 2019

मॉडिफाइड SIV युक्त इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव

मॉडिफाइड इलेक्ट्रिक लोको में आजकल स्टेटिक कनवर्टर , आर्नो के बदले लगाया गया है। यह 180 KVA का होता है। यह एक स्टेटिक यंत्र है। जो इनपुट में ऑक्सीलियरी ट्रांसफार्मर से 780/830 VOLT सिंगल फेज सप्लाई लेता है। और आउटपुट में 415 V 3 फेज की सप्लाई देता है।
इसके मुख्यतः तीन भाग होते है।
1. रेक्टिफायर यूनिट  2. DC लिंक  3. इनवर्टर यूनिट
DJ सर्किट ब्रेकर बन्द होने के बाद स्टेटिक कनवर्टर के रेक्टिफायर/इन्वर्टर यूनिट को TRIGGERING PULSE सिग्नल प्राप्त होता है।  DJ बन्द होने के बाद पहले 5 सेकंड तक यह सेल्फ चेक मोड में रहता है। और अगले 5 सेकंड तक वोल्टेज रेगुलेट करता है। यानी स्टेटिक कनवर्टर से 3 फेज 415 वोल्ट A.C की सप्लाई 10-12 सेकंड के बाद मिलती है। जिससे इनवर्टर यूनिट से जुड़ा सेंसर ऑपरेट होता है। जिसके कारण QCON रिले ENERGIES होता है। रिले QCON ENERGIES होकर अपना NCI (नॉर्मल क्लोज्ड इंटरलॉक) , LSCHBA शाखा से हटा लेता है। कुछ ही समय मे BA(बैटरी) चार्जिंग शुरू हो जाती है। और रिले QV61 अपना NCI(नॉर्मली क्लोज्ड इंटरलॉक) , LSCHBA शाखा से हटा लेता है। और अंत मे LSCHBA की लैंप बुझ जाती है।

SIV के चालू (ON) होने के दो संकेत है।
1. ड्राइविंग डेस्क पर LSCHBA की लैंप का बुझना।
2. SIV असेंबली के अंदर लगे हुए फैन का चलना।

यदि किसी कारण से स्टेटिक कनवर्टर SIV ऑन नही होता है तो LSCHBA की लैम्प जलती रहती है तब इस अवस्था मे SIV तीन बार प्रयास लेती है। यदि तीनो प्रयास में SIV स्टार्ट नही होती है तो चतुर्थ प्रयास में इसका SIV ट्रिप स्टेटस सेंसर ऑपरेट होकर रिले QSIT को ENERGIES करा देता है। रिले QSIT ENERGIES होकर अपना NCI(नॉर्मली क्लोज्ड इंटरलॉक)  MTDJ शाखा से हटाकर DJ ट्रिप करा देता है। इसतरह SIV अपना सुरक्षा स्वयं कर लेता है। 

Monday, 10 June 2019

👍 इनकम टैक्स में राहत होम ऋण में कैसे प्राप्त करे

आपने घर बनाने के लिए अगर बैंक से लोन लिया है तो इसके लिए चुकाने वाले मासिक किस्त में कुल 2 लाख रुपये तक के ब्याज पर आपको Income Tax कानून के सेक्शन 24B के तहत आयकर में राहत मिलती है.
इसी तरह घर की मरम्मत आदि के लिए 30 हजार रुपये तक के लोन पर भी आपको Income Tax में छूट मिलती है।


यदि आपने होम ऋण 01 अप्रैल 1999 के बाद लिया हो तो नीचे लिखे गए शर्ते को पूर्ण करते/करती हो आप 1,50,000 रुपये तक कु छूट पाने के लिए योग्य है। 

1. ऋण रहवासी (निवास के लिये) मकान बनाने के लिए और खरीदने के लिए लिया हो।
2. ऋण जिस वितीय वर्ष लिया गया हो उस वर्ष के तीन वर्षों के अंदर मकान बनना चाहिए या खरीद हो जाना चाहिए।
3. यदि ऋण लेने वाले रहवासी(निवासी) घर  निर्माण करने,मरम्मत खरीदने और नवीनीकरण करने के लिए 01 अप्रैल,1999 से पूर्व लिया हो तो अर्जित ब्याज पर 30,000 रुपये की छूट प्राप्त कर सकते है। 
4. ऋण लेने वाले रहवासी(निवासी) मकान मरम्मत  और नवीनीकरण करने के लिए 01 अप्रैल,1999 के बाद लिया हो तो अर्जित ब्याज पर 30,000 रुपये की छूट प्राप्त कर सकते है। 

नोट:- होम लोन के लिए आयकर रिटर्न में धारा 80C और 24B के अंतर्गत लिया जा सकता है। 
आयकर अधिनियम 80C के अंतर्गत होम ऋण के प्रिंसिपल रिपेमेंट (मूल धन के वापसी) पर अधिकतम 1,50,000 रुपये तक कि राशि छूट में हो सकती है। 
एक पूर्ण वितीय वर्ष में होम ऋण की प्रिंसिपल रिपेमेंट की राशि की जानकारी आपको आपका ऋण देने वाला बैंक देगा। यदि आप ऑनलाइन बैंकिंग करते है बैंक स्टेटमेंट पीडीएफ फॉर्म में डाउनलोड कर यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
★★इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80 सी के तहत आप होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। इसके तहत आप अधिकतम 1.5 लाख तक टैक्‍स छूट ले सकते हैं। प्रिंसिपल अमाउंट के पेमेंट पर आप तभी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं जब आपको घर का कब्‍जा मिल जाए। इसी तरह से अगर आप होम लोन लेकर घर बनवा रहे हैं तो आप प्रिंसिपल लोन अमाउंट पर तभी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर पाएंगे जब घर का कंसट्रक्‍शन पूरा हो जाए। 
** आयकर अधिनियम की धारा 24 B के अंतर्गत होम ऋण के अर्जित ब्याज पर अधिकतम 1,50,000 रुपये तक कि छूट प्राप्त कर सकते हैं।

WDG4 DIESEL LOCO POWER DISTRIBUTION

 इंजन स्टार्ट होते ही मेन बैंक सापट के गियर से चाल लेकर Auxiliary जनरेटर का आमेचर घूमना शुरू कर देता है जो स्वंय के बनाये गये करन्ट से इसकी ...