Tuesday, 3 July 2018

ऑक्सिजन का महत्व

हमारे लिए ही नही वनिस्पत अन्य जीवों के लिए ऑक्सिजन का बहुत ज्यादा महत्व है। हमारे शरीर के विभिन्न अंगों जैसे लिवर,किडनी ,ह्रदय, मस्तिष्क और सभी अंगों के सुचारू रूप में काम करने के लिए ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती हैं। यदि हमारे शरीर को ऑक्सिजन की कमी होती हैं तो उसे हम "हाइपोजिया" या "ह्यापोक्सिया" कहते हैं। मानव शरीर का सभी अंग तभी सुचारू रूप काम करता है जब उसे ऑक्सीजन की पुर्ति होती रहती हो। ऑक्सीजन की यह पुर्ति हमारे शरीर में ब्लड के द्वारा होती है। लेकिन शारिरिक दुर्बलता और अन्य बीमारियों के कारण हमारे शरीर में ऑक्सिजन ग्रहण की प्रक्रिया धीमी हो जाती है या ब्लड में ऑक्सिजन का स्तर कम हो जाता है। इस स्थिति में स्वसन प्रक्रिया धीमी हो जाती हैं। साँस लेने में तकलीफ होती हैं।
         जब हमारे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 90% से कम हो जाती तो उसे ह्यापोक्सिया या ह्यपोजेमिया कहते है। अस्थमा ,न्यूमोनिया और फेफड़ों जैसे अन्य बीमारियों के कारणों से ऐसा होता हैं।इस बिमारी से बचने के लिए समय समय पर रक्त में ऑक्सिजन के स्तर की जांच करवाते रहना चाहिए। ब्लड जांच के द्वारा ऑक्सिजन स्तर की जांच हिती है इसमें किसी धमनी (Artery) से ब्लड का नमूना लिया जाता है। इसके अतिरिक्त ऑक्सिमीटर  के द्वारा भी जांच की जाती है। इस तकनीक में अँगुली में एक क्लिप लगा कर रक्त में ऑक्सिजन की स्तर एक छोटी सी स्क्रीन पर देखते है। यदि ऑक्सिजन का स्तर 90% से कम होती है तो आप ऑक्सिजन की कमी के शिकार है।जिससे साँस लेने में तकलीफ होने लगती है। यह किसी को भी हो सकती हैं। खासकर फेफड़ों की समस्याओं से ग्रसित मानव। इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी होती है।
Oxygen

 ह्यापोक्सिया में  निम्नलिखित समस्या उत्पन्न होती है।
1. त्वचा का रंग नीला होना
2. बिना किसी शारीरिक परिश्रम के थक जाना या पसीना आना
3. सीने में दर्द होना
4. साँस लेने में तकलीफ होना
5. त्वचा में नमी कम होना इत्यादि।
बचाव:-
1.कुछ सावधानियां अपना कर हैम इससे बची सकते हैं।
2. कमरा बंद नही रहना चाहिए।
3.सुबह के समय खिड़कियाँ खोल कर रखना चाहिए।
4.प्राणायाम और नियमित अनुलोमविलोम करना चाहिए।
5.अपने घर मे पेड़-पौधे लगाना चाहिए जिससे हरियाली बनी रहे।
6.डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहे।




Tuesday, 19 June 2018

सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस

यह बीमारीअधिकतर गर्दन में रीढ़ की हड्डियों में परिवर्तन की वजह से होती है, जिसकी वजह से दो रीढ़ की हड्डियों के बीच मे जगह की कमी हो जाती है। इस बीमारी में सबसे पहले गर्दन में भारीपन, फिर उसके घुमाने में परेशानी होती है। प्रवाभीत को अगल बगल देखना होता है,तो वह सिर को गर्दन एवं शरीर के साथ घुमाता है।यह इस रोग का पहला लक्षण है। इसके बाद मरीज़  "सर्वाइकल " नर्व के ऊपर दबाब की वजह से हल्का हल्का दर्द सिर के पहले भाग में महसूस करता है। फिर दर्द हाथ के तरफ बढ़ता है। कभी कभी दर्द के साथ झनझनाहट भी महसूस होती है। सिर के पिछले भाग में दर्द और चक्कर जैसे लक्षण भी होते है।
सर्वाइकल स्पोंडिलीटिस

कारण :- 
इस रोग के होने के कारण है :-  हड्डी में आंतरिक खराबी होने की प्रक्रिया से जोड़ों के ऊपर उम्र का प्रभाव, जोड़ों के ऊपर चोट का असर, अत्यधिक मोटापा, गलत ढंग से उठने, बैठने,लेटने के कारण उत्पन्न तनाव,अत्यधिक परिश्रम, थकावट,नींद न आना,और नशीली वस्तुओं का प्रयोग,रीढ़ की हड्डियों में बदलाव की स्थिति, बहुत ऊँचा तकिया,फोम के गद्दे पर सोने से रीढ़ की हड्डी में परिवर्तन होना,गलत ढंग से बैठ कर काफी देर तक टीवी देखना ,देर तक कार या स्कूटर चलाना, अत्यधिक मानसिक तनाव आदि।

Tuesday, 10 April 2018

विमल राय -एक असामान्य प्रतिभा

विमल राय
भारतीय सिनेमा को उत्कृष्ट ऊँचाई पर ले जाने वाले कड़ीयो में से एक अहम भूमिका निभाने वाले बिमल रॉय का जन्म 12 जुलाई, 1909 में बांग्ला देश के ढाँका जिले में एक जमींदार परिवार ने हुआ था।  विमल रॉय शरत साहित्य में विशेष रूचि थीं। इन्होंने न्यू थिएटर में अपने कैरियर की शुरुआत की थीं। यहाँ इन्हें शरत चंद्र की 'देवदास' बड़ी दीदी, और अन्य रचनाओं को छायाकिंत करने का अवसर मिला।कोलकाता में न्यू थिएटर के बाद ये बम्बई चले गये और शरत चन्द्र की तीन कथाओं पर फ़िल्म का निर्माण करना शुरू किया । 1953 में "परिणीता" जो अशोक कुमार के प्रोडक्शन के लिए थी 1954 में "बिराज बहु" जो हितेन चौधरी प्रोडक्शन के लिए बनी जिनका फिल्माकंन बिमल रॉय ने ही किया था। 1955 में इन्होंने " देवदास" का फिल्माकंन अपने ही बैनर के तहत किया था।   इन्होंने "विराज बहु" फ़िल्म में फिल्माकंन किया था। विमल रॉय द्वारा रचित तीनों फिल्मों अपनी अलग अहमियत रखती हैं।अशोक कुमार ने अशोक कुमार प्रोडक्शन के अंतर्गत विमल रॉय के निर्देशन में " परिणीता " बनाई थी । जिसमे अशोक कुमार ,मीना कुमारी और अमित बरन ने मुख्य भूमिका निभाई थी।
" दो बीघा जमीन " औऱ "परिणीता " बर्ष 1953 में प्रदशित हुई थी। विमल रॉय एक साथ दो विपरीत ध्रुवो पर फिल्माकंन किया और दोंनो को असीम ऊँचाई पर ले गये है।शरत की रचनायें में विमल रॉय ने जिस तलनिनता और अनछुए पहलुओं को लेकर कलात्मक अभिरुचि को विशेष गरिमा में ले जाने वाले में से एक थे।
" परिणीता" में विमल रॉय ने बंगाल के सादी परिवारिक जीवन की सुगंधित खुशबू से एक परिवार की योग्यता और सार्वभौमिकता को आनन्द से फ़लीभूत किया। " परिणीता " में अशोक कुमार और मीना कुमारी की जोड़ी एक अनिवर्चरनिय है। जब किसी भी भाषाओं में शब्द  सीमाओं में घिरकर असहाय और विवश हो जाता है वहाँ पर विमल रॉय ठहर कर तन्मयता से फ़िल्म का अनुसंधान करते है। यह इसलिए भी है कि किसी भी भाषाओं के शब्द का सम्मान करने वाला उनसे बढ़कर कोई फिल्मकार सिनेमा जगत में नही हुआ। मुख्य धारा में रहकर भी विमल रॉय ने सिनेमा जगत की कलात्मक ऊँचाई को बरकरार रखा।
सिनेमा जगत में इनका प्रवेश कैमरा मैन के रूप में न्यू थिएटर प्राइवेट लिमिटेड से हुई थी। इन्होने इस प्रोडक्शन के तहत 10 से ज्यादा फिल्मो का छायाकंन किया। इस समय इन्होने पी.सी बरुआ की फिल्म देवदास और मुक्ति के लिये क्रमशः 1935 और 1937 में छायाकंन किया था लेकिन निर्देशक के तौर पर इनकी पहली फिल्म उदयेर पाथे थी जो सामाजिक कुरीतियों पर आधारित थी। इस फिल्म में इन्होने सिनेमा जगत में कामयाबी की बुलंदियों को पा लिया था। इसके बाद हमराही बंगला फिल्म का हिंदी संस्करण बनाया उतरोतर इन्होने तीन  हिंदी फिल्म अन्जनगढ़ (1948),मंत्रमुग्ध(1949) और पहला आदमी (1950) को निर्देशित किया। साहित्य से इनका गहरा लगाव था विमल राय ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी विमल राय प्रोडक्शन की स्थापना किया और 1953 में पहली फिल्म दो बीघा ज़मीन का निर्माण किया। इसकी कहानी सलील दा ने लिखी थी। इस फिल्म ने विमल राय को अंतराष्ट्रीय ख्याति प्रदान की जिसमे बलराज साहनी ने एकदम जीवंत भूमिका निभायी थी। इस फिल्म के लिए विमल राय को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पहला फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया। 1960 में विमल राय ने परख नाम की फिल्म साधना को लेकर बनायीं 1962 में प्रेम पत्र का निर्देशन किया।
विमल दा सर्वाधिक यादगार फिल्म बंदनी 1963 में हत्या के आरोप में बंदी एक महिला की कहानी है, जिसमे नूतन ने शानदार भूमिका निभायी थी। विमल राय ने सात बार सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता था।

  1. इस तरह इन्होने हिंदी सिनेमा को ऊंचाईयों की सर्वश्रेष्ठ सीमा तक पहुचायां।nextgyan

Saturday, 31 March 2018

RASHTRAPATI BHAWAN (राष्ट्रपति भवन)

राष्ट्रपति भवन 
राष्ट्रपति भवन:- राष्ट्रपति भवन - भारत के राष्ट्रपति भवन की रूपरेखा ब्रिटिश वास्तुकार सर् एडविन लैंडसियर लुएटेन्स एवं चार्ल्स बेकर ने की थी। जो सन 1920 के अंतिम वर्षो में पूरा हुआ था। पहले यहां उपराजा का आवास था। यह विशाल भवन 330 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमे 340 कमरे ,74 प्रकोष्ठ, 37 शानदार बैठक कछ , एक किलोमीटर लंबा गलियारा,18 सीढ़िया एवं 37 फब्बारे है। मुख्य गुम्बद के नीचे दरबार हॉल है। जिसके सामने एक विशाल प्रांगण है,
 12 दिसंबर 1911 को जार्ज पंचम ने भारत की राजधानी कोलकाता से नई दिल्ली करने की घोषणा की थी। इसके तहत गवर्नर जनरल के आवास को विशेष महत्व दिया गया है। इमारत के ऊपर भारत के स्थापथ्य कला के अनुरूप गुम्बदनुमा ढाँचे छतरी है। भवन में बहुतायत गोलाकार कुंड रूपी आकृति बनाई गई है।जिनमे पानी के फौवारे लगे है। इस भवन में 8 फ़ीट दीवार से बाहर निकले हुए परंपरागत भारतीय छज्जे भी बनाये गए है। जो पुष्प की आकार में है जो वर्षा से बचाते हैं।
 इस भवन की दीवारें में जालियों का डिजाइन है जो लाल बलुआ पत्थर से बना है। भवन के पूर्बी भाग में 12 स्तंभ है जो असमान है जिनमे ऊपर की ओर खड़ी रेखाएं बनी हुई है।अकेन्थेस की पत्तियो का बेक बनी है जिनके साथ चार घंटियां लगी है। इस भवन में लोहे का प्रयोग न्यूनतम हुआ है। 1931 में इसका उद्घाटन हुआ था। लगभग 2 लाख वर्ग फ़ीट में इसका पूरा  है। इस भवन में  3.5  लाख   घन फ़ीट पत्थर लगा है।

Thursday, 29 March 2018

Tense part :-11

TENSE :- PART-2 ◆CONTINUOUS◆

PRESENT CONTINUOUS TENSE :-किसी भी काम को अभी इस TIME  कर रहे हैं और वह कुछ देर में या कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा । मतलब उसका जो End है वह भी हमें पता है। जैसे : मैं वीडियो देख रहा हूँ। " I am watching video. अतार्थ जैसे यह वीडियो हम देख रहे हैं वह कुछ देर मे खत्म हो जायेगी। 
जैसे:- (1) बाजार जा रहे हो।       :-  You are going to market.
         (2) मम्मी खाना पका रही है।   :- Mummy is coking food.
आइयें अब इस Tense को बनाने का तरीका जानते है।
Frame:- 
 
S+Am/is/are +v(ing)+ O(ऑब्जेक्ट)

तुम ओफीस जा रहे हो । :-   I के साथ AM लगेगा , बाकी के ARE  साथ  लगेगा          
यदि  SUBJECT THIRD PERSON और्  SINGULAR  होग़ी  तो  subject के साथ  Auxillary verb IS लगेगा ।

PAST CONTINOUS TENSE:- माँ   खाना  पका  रही  थी  । मोहन क्रिकेट  खेल  रहा था  ।इन  SENTENCE में  रही थी , रहा था  है अथार्त  कोई कार्य  जो  हो रहा था  वह  PAST CONTINOUS TENSE होता है ।

FRAME:-    S(सब्जेक्ट ) + WAS/WERE+V1 +ING+O 
मै क्रिकेट खेल रहा था । -  I WAS PLAYING CRICKET.

I के साथ WAS, ( THIRD PERSON+ SINGULAR) सब्जेक्ट हो तो WAS (HELPING VERB) लगेगा । बाकी SUBJECT के साथ HELPING VERB- WERE लगेगा । 

EX:- बच्चे खेल रहे थे ।   CHILDREN WERE PLAYING. 


 FUTURE CONTINUOUS TENSE:-  हो रहा था तो PAST था , हो रहा होगा तो ये होगा FUTURE। कोई चीज़ CONTINUOUS  तो है पर FUTURE(भविष्य ) में है ।

 EX:- बारिश हो रही होगी । मै गाना गा रहा हुगा । 

 FRAME:-   S (subject)  + will be/shall be + V 1 + ing + O 
 जैसे :- हम बाहर खाना खा रहे है।     :-  WE WILL BE EATING OUTSIDE.
            मम्मी खाना पका रही होगी।   :-  MUMMY WILL BE COOKING FOOD, 
            वह घर जा रही होगी ।             :- SHE WILL BE GOING HOME. 



Tuesday, 20 March 2018

फॉरएवर पोंमेस्टीन पॉवर

आपका प्रतिरक्षा तंत्र संक्रमण तथा बीमारी से आपके शरीर की रक्षा करता है। इंसानों में यह प्रति  तंत्र, बहुत सी एक दूसरे पर आधारित कोशिकाओं से बना है जो समग्र रूप से मानव शरीर को विभिन्न परजीवियों, फंगल, जीवाणुओं, तथा विषाणुजनीत संक्रमण से बचाता है। पोमेस्टीन पॉवर , फॉरएवर लिविंग प्राइवेट लिमिटेड का एक ऐसा बेहतरीन उत्पाद है जो दिल के रोगी के लिए बहुत फायदेमंद है यह एक ऐसे फलों का रस है जिसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट तत्व दुनिया में पाये जाने वाले सभी फलों से अधिक होते है। यह एक अच्छा Detoxifier है यह LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इस तथ्य में कोई मतभेद नहीं है कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए एंटीऑक्सीडेंट बहुत महत्वपूर्ण है ऐसा भोजन जिसका ORAC महत्व अधिक होते हैं,सीधे तौर पर हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को लंबे समय तक मजबूत रखते है ऑरेक (ORAC) का मतलब है विभिन्न भोजनों की ऑक्सीजन रैडिकल अक्जॉर्बेंस कैपेसिटी या साधारण भाषा में ,जितनी ज्यादा ऑक्सीजन आपकी कोशिकाओं को मिलेगा उतना ही वे सशक्त रहेंगे और नुकसान देने वाले अणुओं से सुरक्षित रहेंगे। 

Forever pomesteen power  
इसमें हैं ट्रेड मार्कयूक्त फलो के रस और उंसे मिले अद्भुत गुन् जैसे मैगोस्टीन,रेस्परबेरी,ब्लेकबेरी,ब्लुबेरी,अनार और अंगुर के बीज़‍‍ ! फॉरएवर पोंमेस्टीन पॉवर मे सम्मिलित सभी तत्व ये है जिनकी ओरेक क्षमता सबसे ज्यादा है ! 
ब्लेकबेरी:- ब्लेकबेरी मे पोलीफेनोलस तथा एंथोसाइनिंस होते है जो एंटीऑक्सीडेंट का  एक प्रबल स्त्रोत है! 
ब्लुबेरी:- सभी फलो,सब्ज़िओ,मशालो तथा मौसमी उत्पादो मे ब्लुबेरी मे एंटीऑक्सीडेंट क्षमता सबसे ज्यादा है ! 
अंगुर के बीज़‍‍:- विटामीन ई, फ्लेवोनोइडस,लिनोलिक एसिड ओ पी सी बहुत ज्यादा है जो विभिन्न बिमारियो मे रोगो से मुकाबला बखुबी करता है !

Friday, 9 March 2018

नीम एक गुण अनेको

भारत वर्ष में नीम गरीब लोगो का कल्पवृक्ष है इसकी जड़ से लेकर फूल पत्ती और फल तक सभी औषिधिय गुणों से भरा है भारतीय वनस्पतियाँ एवं लोकमंडल सर्व व्याधिनिवारक से युक्त होने के कारण भारतीय वातावरण में सामान आदरनिये एवं पूजनीय मानी जाती है यह प्राय: प्रत्येक ग्राम , नगर और गृह में पाया जाता है नीम विशुद्ध भारतीय वृष है यह सम्पूर्ण भारतवर्ष में पाया जाता है शीतल छाया ,वातावरण की शुद्धि एवं बहुत जीवनपयोगी पदार्थो को प्रदान करने के कारण प्रायः ग्रामीण इसे अपने घरो के आसपास लगते है नीम का पौधा द्वार पर लगाने का का कारण है है की यह हवा को शुद्ध रखता है नीम के पत्ते से लोग स्नान करते है चैत्र मास में नीम की कोमल नयी कोपलों को दस - पंद्रह दिन तक रोजाना प्रातः काल चबाने से रक्त शुद्ध होता है मलेरिया ज्वर नहीं होता है पत्तियां पानी में उबालकर घाव धोने से घाव ठीक होता है विश्वास किया जाता है की तानसेन ने अपनी रागों में जिस समरसता को उत्पन्न किया था उनमे नीम की पत्तियों का ही कमाल था नीम की तना में दीमक और घुन नहीं लगता है ,इसलिये किवाड़ ,दरवाजे और खिर्कियाँ में दिमक लगने का खतरा नहीं होता है

WDG4 DIESEL LOCO POWER DISTRIBUTION

 इंजन स्टार्ट होते ही मेन बैंक सापट के गियर से चाल लेकर Auxiliary जनरेटर का आमेचर घूमना शुरू कर देता है जो स्वंय के बनाये गये करन्ट से इसकी ...