Tuesday, 21 July 2020
Sunday, 19 July 2020
Sunday, 12 July 2020
डी.आर.डी.ओ छात्रवृत्ति योजना
भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ) की छात्रवृत्ति योजना उन छात्राओं के लिए है, जिन्होंने यूजी और मास्टर कोर्स में दाखिला लिया है। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं की योग्यता को निखारना और राष्ट्रहित में इस्तेमाल करना है।
योग्यता
*आवेदक के पास भारत की नागरिकता होनी चाहिए । किसी अन्य देश के नागरिक इस छात्रवृत्ति के योग्य नहीं होते हैं।
*आवेदक स्नातक (ग्रेजुएट) या स्नातकोत्तर (पीजी) की प्रथम वर्ष की छात्रा हो, और उसने बीई, बीटेक, बीएससी इंजीनियरिंग, एमई, एमटेक या एमएससी इंजीनियरिंग में दाखिला लिया हो।
वह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, स्पेस इंजीनियरिंग एंड रॉकेटरी, एवियोनिक्स या एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हो।
* अंतर-स्नातक वर्ग में आवेदन करने वाली छात्राओं ने बेहतर अंकों के साथ जेईई (मेन्स) भी पास किया हो, जबकि परा स्नातक की छात्राओं के पास गेट के साथ-साथ स्नातक में 60 फीसदी अंक होने का सर्टिफिकेट होना चाहिए।
इंटिग्रेटेड मास्टर डिग्री करने वाली छात्राएं भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकती हैं।
प्रारूप
छात्रवृत्ति के लिए कुल 30 छात्राओं (20 अंतर- स्नातक वर्ग में और 10 परा-स्नातक वर्ग में) का चयन किया जाता हैं।
अंतर-स्नातक की छात्राओं को 1.20 लाख रुपये वार्षिक (अधिकतम 4 वर्षों तक) छात्रवृत्ति दी जा सकती है, जबकि परा-स्नातक की छात्राओं को दो वर्षों तक 1.86 लाख रुपये वार्षिक के हिसाब से छात्रवृत्ति मिलेगी।
संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन नहीं करने पर छात्रवृत्ति की राशि रोकी भी जा सकती है।
*आवेदक के पास भारत की नागरिकता होनी चाहिए । किसी अन्य देश के नागरिक इस छात्रवृत्ति के योग्य नहीं होते हैं।
*आवेदक स्नातक (ग्रेजुएट) या स्नातकोत्तर (पीजी) की प्रथम वर्ष की छात्रा हो, और उसने बीई, बीटेक, बीएससी इंजीनियरिंग, एमई, एमटेक या एमएससी इंजीनियरिंग में दाखिला लिया हो।
वह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, स्पेस इंजीनियरिंग एंड रॉकेटरी, एवियोनिक्स या एयरक्राफ्ट इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हो।
* अंतर-स्नातक वर्ग में आवेदन करने वाली छात्राओं ने बेहतर अंकों के साथ जेईई (मेन्स) भी पास किया हो, जबकि परा स्नातक की छात्राओं के पास गेट के साथ-साथ स्नातक में 60 फीसदी अंक होने का सर्टिफिकेट होना चाहिए।
इंटिग्रेटेड मास्टर डिग्री करने वाली छात्राएं भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकती हैं।
प्रारूप
छात्रवृत्ति के लिए कुल 30 छात्राओं (20 अंतर- स्नातक वर्ग में और 10 परा-स्नातक वर्ग में) का चयन किया जाता हैं।
अंतर-स्नातक की छात्राओं को 1.20 लाख रुपये वार्षिक (अधिकतम 4 वर्षों तक) छात्रवृत्ति दी जा सकती है, जबकि परा-स्नातक की छात्राओं को दो वर्षों तक 1.86 लाख रुपये वार्षिक के हिसाब से छात्रवृत्ति मिलेगी।
संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन नहीं करने पर छात्रवृत्ति की राशि रोकी भी जा सकती है।
* आवेदन करने की प्रक्रिया
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऑफलाइन
आवेदन पर ध्यान नहीं किया जाएगा।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऑफलाइन
आवेदन पर ध्यान नहीं किया जाएगा।
◆ सवर्प्रथम रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है, उसके बाद ही आवेदन-पत्र भरे जा सकेंगे।
◆ आवेदन करते समय ज़रूरी दस्तावेजों को भी स्कैन करके
अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों में सभी जरूरी सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, शिक्षण संस्थान में दाखिले की रसीद और फीस की रसीद आदि शामिल रहती हैं।
◆ आवेदन-पत्र में आपको अपना फोटोग्राफ भी अपलोड करना होताा है।
◆ आवेदन-पत्र भरने के बाद भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट संभालकर रख लें।
अंतिम तिथि के बाद आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
◆ बिना जरूरी दस्तावेजों के या आधे-अधूरे भरे गए
आवेदन-पत्र भी खारिज कर दिए जाएंगे।
अंतिम तिथिः 30 सितंबर, 2020
वेबसाइटः www.rac.gov.in
◆ आवेदन-पत्र में आपको अपना फोटोग्राफ भी अपलोड करना होताा है।
◆ आवेदन-पत्र भरने के बाद भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट संभालकर रख लें।
अंतिम तिथि के बाद आवेदन-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
◆ बिना जरूरी दस्तावेजों के या आधे-अधूरे भरे गए
आवेदन-पत्र भी खारिज कर दिए जाएंगे।
अंतिम तिथिः 30 सितंबर, 2020
वेबसाइटः www.rac.gov.in
Sunday, 31 May 2020
प्रेरणादायक कार्य :- गमले में ऑर्गेनिक खेती
कोरोना संकट में हुए लॉकडाउन मेंलोग घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। यहां तक की सब्जियां खरीदने भी नहीं जा रहे हैं। जो।खरीदकर लाते हैं वे भी डिटर्जेंट यानमक-पानी से धोकर प्रयोग कर रह।हैं। ऐसे में घर में किचन या रूफ टॉप या वेजीटेबल गार्डेन बेहतर विकल्प बन सकता है। शहर के एक परिवार ऐसा हैं जहां 10 सदस्य हैं। परिवार पूरे लॉकडाउन में हरी सब्जी खरीदने बाजार नहीं जाते है।
इनका परिवार छत पर गमले में लगाए सब्जी के पौधों से ही नित्य दिन का काम चला रहे है।
एक निजी कंपनी में कार्यरत और पटना के भीखनपुर के नया टोला निवासी राजेश कुमार तिवारी अपने दादाजी से प्रेरित होकर किचन गार्डेन वर्षों से चला रहे हैं।
करीब चार कट्टे के घर में छत पर करीब 70 गमला रखे हैं जिसमें से 46 गमले में सब्जी लगाए हैं। इस गार्डेन के लिए बीज कोलकाता और।लोकल बाजार से लाते हैं। वहीं इसमें वर्मी कंपोस्ट डाल पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती करते हैं। पौधों में बीमारी या कीड़ा लगने पर नीम, खैनी और गोमूत्र का प्रयोग करते हैं।
वहीं दूसरी ओर घर की छतों पर और आंगन में फल और सब्जी लगाकर सेवानिवृत्त शिक्षक रामदेव
सिंह आत्मनिर्भर बने हुए हैं। लॉकडाउन के दौरान एक दिन भी वह सब्जी और फल के लिए घर से
बाहर नहीं गए हैं।
नोट:- किचन गार्डन के लिए मिलती है सरकारी सहायता
बीएयू के वैज्ञानिक सब्जी विभाग के अध्यक्ष डॉ. रंधीर ने कहा कि रूफ टॉप गार्डेन या किचन गार्डेन के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। शेडनेट, पॉटस, प्लास्टिक, बेड, ड्रिप इरिगेशन के लिए यह सहायता मिलती है। यह स्वस्थ और सुरक्षित सब्जी का विकल्प बन सकता है। सहायक निदेशक उद्यान अजय कुमार सिंह ने बताया कि 'रूफ टॉप गार्डनिंग योजना के तहत 50 हजार रुपए के प्राजेक्ट में 25 हजार रुपए अनुदान मिलते हैं।
सौजन्य:- दैनिक हिंदुस्तान :- 20 मई,20 पटना संस्करण
इनका परिवार छत पर गमले में लगाए सब्जी के पौधों से ही नित्य दिन का काम चला रहे है।
एक निजी कंपनी में कार्यरत और पटना के भीखनपुर के नया टोला निवासी राजेश कुमार तिवारी अपने दादाजी से प्रेरित होकर किचन गार्डेन वर्षों से चला रहे हैं।
करीब चार कट्टे के घर में छत पर करीब 70 गमला रखे हैं जिसमें से 46 गमले में सब्जी लगाए हैं। इस गार्डेन के लिए बीज कोलकाता और।लोकल बाजार से लाते हैं। वहीं इसमें वर्मी कंपोस्ट डाल पूरी तरह से ऑर्गेनिक खेती करते हैं। पौधों में बीमारी या कीड़ा लगने पर नीम, खैनी और गोमूत्र का प्रयोग करते हैं।
वहीं दूसरी ओर घर की छतों पर और आंगन में फल और सब्जी लगाकर सेवानिवृत्त शिक्षक रामदेव
सिंह आत्मनिर्भर बने हुए हैं। लॉकडाउन के दौरान एक दिन भी वह सब्जी और फल के लिए घर से
बाहर नहीं गए हैं।
नोट:- किचन गार्डन के लिए मिलती है सरकारी सहायता
बीएयू के वैज्ञानिक सब्जी विभाग के अध्यक्ष डॉ. रंधीर ने कहा कि रूफ टॉप गार्डेन या किचन गार्डेन के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। शेडनेट, पॉटस, प्लास्टिक, बेड, ड्रिप इरिगेशन के लिए यह सहायता मिलती है। यह स्वस्थ और सुरक्षित सब्जी का विकल्प बन सकता है। सहायक निदेशक उद्यान अजय कुमार सिंह ने बताया कि 'रूफ टॉप गार्डनिंग योजना के तहत 50 हजार रुपए के प्राजेक्ट में 25 हजार रुपए अनुदान मिलते हैं।
सौजन्य:- दैनिक हिंदुस्तान :- 20 मई,20 पटना संस्करण
Friday, 27 March 2020
मोबाईल मॉडल और उनके निर्माता कंपनी देश
कौन सा मोबाइल किस देश का है ?
* भारत की मोबाइल कंपनी
माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन, इंटेक्स, सओलों, स्पाइस,
** चीन की मोबाइल
**अमेरिकी मोबाईल कंपनी
अमेरीका पेल एप्पल एचपी मोटोरोला, इन्फोकस और
* जापान मोबाईल कंपनी
* दक्षिण कोरिया मोबाइल कंपनी
* ताइवान मोबाइल कंपनी
आसुस एसर एच सी एल ताइवान की मोबाइल कंपनी है।
*** मोबाईल फोन प्रयोग करने में सावधानी
मोबाइल फोन आने के बाद लोगों को इसका लाभ भी मिला है तो इसके दुष्परिणाम भी हुए है।
आजकल के मोबाइल फोन में एक दूसरे से बातचीत कर
सकते है, मैसेज भेज सकते है, वीडियो देख सकते है
इनमें लगे कैमरा से कोई भी फोटो ले सकते है और साथ
ही इंटरनेट भी चला सकते है जहां पर हम दुनियाभर की
जानकारी ले सकते है।
लेकिन मोबाइल फोन से जितने लाभ है उतने ही नुकसान भी हुए हैं लोग इसका इस्तेमाल हर जगह करने लगे है लोग ज्यादातर टाइम अपना मोबाइल चलाने में बिताते है।इसके कारण आंखें कमजोर हो जाती है और साथ ही साथ बच्चों को कम उम्र में मोबाइल दिए जाने के कारण उनका मन पढ़ाई लिखाई में नहीं लगता है।
मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए नुकसान भी साबित हो सकता है। लेकिन कुछ सावधानियां बरती जाएं तो मोबाइल रेडिएशन से होने वाले खतरों से
काफी हद तक बचा जा सकता है।
* मोबाइल पर बात करते समय आप मोबाइल को शरीर से जितना दूर रखेंगे उतना अच्छा है. इसके लिए आप चाहें तो ऐसे हेड- सेट्स यूज कर सकते हैं जिनमें ईयर पीस और
कानों के बीच प्लास्टिक की एयर ट्यूब हो।
* जेब में ना रखे।
मोबाइल को हर वक्त जेब में रखकर न घूमें। इसके साथ ही न ही तकिए के नीचे या बगल में रखकर सोएं क्योंकि मोबाइल
हर मिनट टावर को सिग्नल भेजता है। सबसे अच्छा होता है कि मोबाइल को जेब से निकालकर कम-से-कम दो फुट यानी लगभग एक हाथ की दूरी पर रखें। सोते हुए भी दूरी बनाए रखें। अतः आप सभी मोबाइल उपभोक्ताओं से आग्रह है कि उपरोक्त सावधानी बरतते हुए मोबाईल फोन का उपयोग करें।
इन सबके अतिरिक्त मोबाइल फोन के कुछ फायदे भी है।
मोबाइल फोन के लाभ
(1) मोबाइल फोन से हम दुनिया के किसी भी व्यक्ति से
बिना उसके पास जाएं बात कर सकते है। सोशल दूरी भी बना सकते हैं।
(2) मोबाइल फोन को व्यापार में केलकुलेटर के रूप में
उपयोग में लिया जा सकता है। डिजिटल लेन देन भी कर सकते हैं।
(3) इसका उपयोग करके हम एक दूसरे को संदेश भेज
सकते है।
(4) मोबाइल फोन से हम फोटो और वीडियो भी बना सकते है।
(5) इसे हम इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं जिसे हम इंटरनेट पर उपलब्ध सभी जानकारियों को देख और पढ़
सकते है।
(6)मोबाइल फोन कंप्यूटर में होने वाले लगभग सभी कार्य कर देता है।
(7) मोबाइल फोन बहुत ही छोटा उपकरण है।हमारे जेब में आसानी से आ जाता है जिसके कारण हम मोबाइल का किसी भी जगह इसका उपयोग कर सकते है।
(৪) इससे हम किसी भी वस्तु व्यक्ति के बारे में या फिर
अन्य कोई जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते है।
(9) मोबाइल फोन को अब महिलाओं की सुरक्षा के लिए
भी उपयोग में लिया जाने लगा है इसमें एक बटन दबाते
हैं परिचितों के पास एक संदेश पहुंच जाता है जिसे वे लोग उन्हें बचाने के लिए जल्दी पहुंच सकते है।
(10) अगर हम कोई नए शहर या देश में जाते है तो वह
अगर हम भटक जाते है तो इसकी सहायता से हम मैप और अपनी करंट लोकेशन देख सकते है।
(11) इसकी सहायता से इंटरनेट पर नए दोस्त बना
सकते है और साथ ही अपने दोस्तों और परिचितों के
साथ जुड़े रह सकते है जिससे हम हर पल की जानकारियों सभी लोगों को एक साथ दे सकते है।
(12) इसके उपयोग से घंटों के काम आसानी से हो जाते है।
Monday, 17 February 2020
** HRMS- FORM ** क्या है, रेलवे कर्मचारियों को क्यों भरना आवश्यक है?
HRMS फॉर्म रेलवे के द्वारा क्यो भरवाया जा रहा है इसका क्या फायदा हैं। इसके बारे में जानना जरूरी है।
HRMS का मतलब ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम होता है। भारत सरकार के डिजिटल योजना के अंतर्गत सभी केंद्रीय कर्मचारियों का ब्यौरा डिजिटल हो रही हैं।
HRMS के तहत एक फॉर्म भरा जा रहा है। जिसमें अभी यानी वर्तमान तक कि सूचना आपको भरनी है।
HRMS के द्वारा निम्नलिखित जानकारी और सुविधाएं रेलवे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने जा रही है।
** इसके अंतर्गत सभी रेलवे कर्मचारी वर्तमान तक कि अपनी सभी छुट्टियों के बारे पूरा ब्यौरा की जानकारी देख सकते है।
** आपका कोई DA या कोई एरियर बाकी है तो उसकी जानकारी HRMS में प्राप्त किया जा सकता है।
** इसमें कर्मचारी छुट्टियों के लिए भी एडवांस में अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको क्लर्क के पास जाने की जररूत नही है।
** आपको कब इन्क्रीमेंट मिलनी है इसकेबारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।
** यदि आप पदोंनत्ती के बारे में जानना चाहते हैं यानी आपकी वरीयता सूची डिवीज़न में क्या है इसकी जानकारी आप HRMS के तहत प्राप्त कर सकते है।
** यदि आपको छुटटी लेनी है तो आप छुटटी के लिए आवेदन HRMS के द्वारा लगा सकते है। एप्लीकेशन मंजूर हो जाएगा और आपको छुट्टी मिल जाएगी।
इसके लिए जो फॉर्म भरवाया जाएगा उसका प्रारुप इस प्रकार है।
इसमें क्या भरना है और कैसे भरना है आइए जानते है।
HRMS फॉर्म सभी जोन में अलग अलग भरा जाएगा।
** साउथ ईस्टर्न रेलवे का सर्कुलर और फॉर्म निम्नप्रकार से है।


HRMS पर अपना सेवा विवरण/सेवा पुस्तिका देखने
हेतु निम्न प्रक्रिया अपनाई जायेगी-
** 1.सर्वप्रथम आप CRIS द्वारा Download Software को Google play Store पर जाकर HRMS Mobile App form Indian Railway को Download/Install करेगें।
**2.Download/Install होने के उपरांत आप Register Now पर Click करेंगे।
**3.रिक्त स्थान में आप अपना 11 अंकों का PF No.
(जैसें 332NP204209/33204425232) लिखकर Proceed पर Click करेंगे।
**4. Proceed करने के बाद स्क्रीन पर आपका विवरण
दिखेंगा तथा आपके Registered Mobile पर OTP भेज
दिया जायेगा।
**5.आपके के विवरण के नीचे रिक्त स्थान पर 5 Digit का
OTP फीड करेगें।
**6.OTP फीड होने के उपरांत आपका Registration पूर्ण हो जायेगा।
**7. Registration पूर्ण हो जाने पर आपका 6 शब्दों/Word का HRMS ID एवं Password (Default- Test@123) प्राप्त होगा। इसके पश्चात आप अपनी स्कैन SR एवं अन्य विवरण देख सकेंगे।
Friday, 31 January 2020
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जाने अपनी योग्यता
आयुष्मान भारत योजना के तहत आप पात्र है कि नही इसकी जानकारी प्राप्त करने के तीन तरीके हैं।
** प्रथम: :- वेबसाइट www.mera.pmjay.gov.in
को ओपन करें। इसमें एक विंडो खुलेगी। जो निन्म प्रकार से होगी।
इसमें एक सर्च ऑप्शन में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें। उसके बाद कैप्चा कोड को दर्ज करके सबमिट करें। इसके बाद आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। जिसे सबमिट करें।
इसके बाद आपकी योग्य होने की जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी।
** द्वितीय :- आप अपने मोबाइल से टोल-फ्री नंबर:- 14555
से डायल करें। आपसे कुछ जानकारी जैसे आधार नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। उसके बाद आपको आपकी योग्यता के बारे में बता दी जाएगी। आधार नम्बर की ओटीपी नही बताये।
** तृतीय :- आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पताल के आरोग्य मित्र से अपनी योग्यता की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत धनबाद में अस्पतालों की संख्या 12 से बढ़कर 18 हो गयी है। सरकार ने धनबाद के में छह और अस्पतालों के साथ एमओयू किया है। नए अस्पतालों में पार्क क्लिनिक, श्रेष्ठा नेत्र चिकित्सालय, डॉक्टर भूषण हेल्थ केयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, आशीर्वाद पॉलीक्लिनिक, पूजा नर्सिंग होम तथा सुयाश क्लिनिक शामिल है। इसके पूर्व नामधारी हॉस्पिटल, एशियन द्वारकादास जालान, एएसजी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, सीएचसी तोपचांची, चक्रवर्ती नर्सिंग होम, झारखंड डायबिटिक एंड आई सेंटर, नयनदीप आई हॉस्पिटल, सनराइज हॉस्पिटल, हाईटेक हॉस्पिटल, सर्वा मंगला नर्सिंग होम, जिमसार हॉस्पिटल और सूर्योदय नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी सेंटर के साथ करार हुआ था
** प्रथम: :- वेबसाइट www.mera.pmjay.gov.in
को ओपन करें। इसमें एक विंडो खुलेगी। जो निन्म प्रकार से होगी।
इसके बाद आपकी योग्य होने की जानकारी आपको प्राप्त हो जाएगी।
** द्वितीय :- आप अपने मोबाइल से टोल-फ्री नंबर:- 14555
से डायल करें। आपसे कुछ जानकारी जैसे आधार नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य जानकारी मांगी जा सकती है। उसके बाद आपको आपकी योग्यता के बारे में बता दी जाएगी। आधार नम्बर की ओटीपी नही बताये।
** तृतीय :- आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पताल के आरोग्य मित्र से अपनी योग्यता की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत धनबाद में अस्पतालों की संख्या 12 से बढ़कर 18 हो गयी है। सरकार ने धनबाद के में छह और अस्पतालों के साथ एमओयू किया है। नए अस्पतालों में पार्क क्लिनिक, श्रेष्ठा नेत्र चिकित्सालय, डॉक्टर भूषण हेल्थ केयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, आशीर्वाद पॉलीक्लिनिक, पूजा नर्सिंग होम तथा सुयाश क्लिनिक शामिल है। इसके पूर्व नामधारी हॉस्पिटल, एशियन द्वारकादास जालान, एएसजी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, सीएचसी तोपचांची, चक्रवर्ती नर्सिंग होम, झारखंड डायबिटिक एंड आई सेंटर, नयनदीप आई हॉस्पिटल, सनराइज हॉस्पिटल, हाईटेक हॉस्पिटल, सर्वा मंगला नर्सिंग होम, जिमसार हॉस्पिटल और सूर्योदय नर्सिंग होम एंड मेटरनिटी सेंटर के साथ करार हुआ था
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मनुष्य की आँख प्रकृति प्रदत्त अद्भुत प्रकाशीय यंत्र है। जो एक कैमरे से मिलती जुलती है। आँख के गोले अथार्त नेत्र गोलक की सबसे बाहर...
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SMPS क्या है इसका क्या अर्थ है ? ◆◆ कंप्यूटर में पावर सप्लाई कैसे होता है, हमारे घर मे पावर सप्लाई से अलग कैसे होता है। कप्यूटर में पावर स...

















